गुना में चैन चोर गैंग का पर्दाफाश: मुनि सुधासागर जी की आगवानी यात्रा में महिलाओं को बनाया था निशाना
7 आरोपी गिरफ्तार
गुना।अनंत न्यूज़
शहर में मुनि श्री सुधासागर जी महाराज की आगवानी यात्रा के दौरान हुई चैन चोरी की सनसनीखेज वारदातों का गुना पुलिस ने खुलासा कर दिया है। केंट थाना पुलिस ने दिल्ली की एक शातिर महिला-पुरुष गैंग के 7 सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए करीब 7.50 लाख रुपये मूल्य की तीन सोने की चैनें बरामद की हैं। गिरफ्तार आरोपियों में 4 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, 3 जून 2026 को जैन मुनि श्री सुधासागर जी महाराज की आगवानी यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे। इसी दौरान भीड़ का फायदा उठाकर बदमाशों ने महिलाओं के गले से सोने की चैनें चोरी कर ली थीं। घटना के बाद पीड़ित महिलाओं द्वारा केंट थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
पहली शिकायत अल्का जैन और संध्या जैन की ओर से दर्ज कराई गई थी, जिनके गले से यात्रा के दौरान सोने की चैनें चोरी हो गई थीं। इसके अलावा पुरानी गल्ला मंडी निवासी प्रदीप सर्राफ ने भी अपनी पत्नी अजू सर्राफ के गले से चैन चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
गुना पुलिस कप्तान हितिका वासल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन तथा प्रभारी सीएसपी आनंद राय के पर्यवेक्षण में केंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की सहायता से आरोपियों की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर पता चला कि चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाली गैंग दिल्ली की है। बाद में यह गैंग देवास में पुलिस के हत्थे चढ़ी, जिसके बाद गुना पुलिस ने विधिवत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में रवि, देवी, देवेंद्र, ज्योति, मगमा, जया और राहुल उर्फ विशाल शामिल हैं, जो दक्षिण दिल्ली और अंबेडकर नगर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने गुना में हुई चैन चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर चोरी की गई तीनों सोने की चैनें बरामद कर ली गईं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गैंग धार्मिक आयोजनों, भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों और जुलूसों में महिलाओं को निशाना बनाती थी। गैंग की महिलाएं श्रद्धालुओं के बीच घुल-मिल जाती थीं और मौका मिलते ही गले से चैनें निकाल लेती थीं, जबकि पुरुष सदस्य सुरक्षा और भागने की व्यवस्था संभालते थे।
पुलिस ने बताया कि मामले में आगे भी जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने प्रदेश के अन्य जिलों में भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।
इस सफल कार्रवाई में केंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव, उपनिरीक्षक ज्योति राजपूत, आरक्षक डेविड मिंज, आरक्षक जगदीश रावत तथा साइबर सेल के आरक्षक नीलेश रघुवंशी और राजीव रघुवंशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गुना पुलिस की इस कार्रवाई को शहर में हुई बड़ी चोरी की घटनाओं के खुलासे के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में सक्रिय ऐसे गिरोहों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।