कागजों में बनी बाउंड्रीवॉल, डकार गए 2.64 लाख!

चकलोड़ा पंचायत में बिना निर्माण भुगतान पर उठे गंभीर सवाल

कागजों में बनी बाउंड्रीवॉल, डकार गए 2.64 लाख!

गुना।दयालवाणी

जिले की बमोरी जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत चकलोड़ा एक बार फिर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के घेरे में आ गई है। प्राथमिक विद्यालय राधापुरा की चारदीवारी (बाउंड्रीवॉल) निर्माण के नाम पर वर्ष 2023 में 2 लाख 64 हजार रुपये की सरकारी राशि का भुगतान तो निकाल लिया गया, लेकिन धरातल पर आज तक एक ईंट भी नहीं रखी गई है। पंचायत दर्पण पोर्टल और कागजी दस्तावेजों में निर्माण कार्य पूर्ण दर्शाकर राशि का आहरण कर लिया गया है, जिससे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है।

पंचायत दर्पण पोर्टल के रिकॉर्ड के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय राधापुरा में बाउंड्रीवॉल निर्माण का कार्य 26 जनवरी 2022 को स्वीकृत हुआ था। इसके एवज में सामग्री जैसे सरिया, रेत आदि की खरीद के बिल लगाकर वर्ष 2023 में कुल 2.64 लाख रुपये का व्यय दर्ज कर दिया गया। जब ग्रामीणों की शिकायत के बाद जमीनी हकीकत देखी गई, तो विद्यालय परिसर चारों तरफ से पूरी तरह खुला पाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि कागजों पर फर्जी बिल तैयार कर पूरी राशि हजम कर ली गई है, जबकि मौके पर न तो सामग्री पहुंची और न ही कोई निर्माण कार्य हुआ। स्थानीय ग्रामीणों ने मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों और प्रतिनिधियों पर साठगांठ का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में पिछले तीन वर्षों से इस तरह की अनियमितताएं लगातार हो रही हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पंचायत के वास्तविक निर्णयों और कार्यों में सरपंच पति का सीधा हस्तक्षेप रहता है। ग्रामीणों द्वारा पूर्व में भी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन भौतिक सत्यापन और निष्पक्ष जांच न होने के कारण दोषियों के हौसले बुलंद हैं।

भौतिक सत्यापन बिना कैसे स्वीकृत हो गया भुगतान?

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि सरकारी नियमों के तहत किसी भी निर्माण कार्य के भुगतान से पहले संबंधित अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण और भौतिक सत्यापन किया जाना अनिवार्य होता है। इसके बावजूद बिना दीवार बने 2.64 लाख रुपये का भुगतान कैसे स्वीकृत हो गया? क्या किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर जाकर निर्माण की स्थिति देखने की जहमत नहीं उठाई? फिलहाल प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है और जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों व प्रतिनिधियों पर नियमानुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।