हनुमान टेकरी मंदिर ट्रस्ट ने वीएचपी संगठन मंत्री को लिखा पत्र

सस्ती लोकप्रियता के लिए लगाए निराधार आरोप

हनुमान टेकरी मंदिर ट्रस्ट ने वीएचपी संगठन मंत्री को लिखा पत्र

गुना। अनंत न्यूज़

शहर के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल श्री हनुमान टेकरी मंदिर ट्रस्ट और बजरंग दल के स्थानीय पदाधिकारियों के बीच का विषय अब खुलकर सामने आ गया है। श्री हनुमान टेकरी मंदिर ट्रस्ट गुना द्वारा विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल मध्यभारत प्रांत के प्रांत संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंह को एक शिकायती पत्र भेजा गया है। पत्र में बजरंग दल के गुना जिला संयोजक ब्रजेश प्रजापति पर पद का दुरुपयोग करने, गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी करने और मंदिर ट्रस्ट पर बिना किसी सबूत के करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के मनगढ़ंत आरोप लगाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

ट्रस्ट के अध्यक्ष नारायण लाल अग्रवाल और सचिव ओमप्रकाश बरौनिया द्वारा संयुक्त रूप से जारी इस पत्र के सामने आने के बाद जिले के धार्मिक और राजनैतिक हलकों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। शिकायती पत्र में उल्लेख किया गया है कि गत 12 जून 2026 को बजरंग दल के जिला संयोजक ब्रजेश प्रजापति द्वारा गुना जिलाधीश (कलेक्टर) को एक पत्र सौंपा गया था। इस पत्र में उन्होंने हनुमान टेकरी मंदिर ट्रस्ट पर बेहद अनर्गल और निराधार आरोप लगाए थे। ट्रस्ट का कहना है कि जिला संयोजक ने केवल छद्म प्रसिद्धि और सस्ती लोकप्रियता पाने की लालसा में इस संवेदनशील मामले को मीडिया में जोर-शोर से प्रसारित करवाया, जिससे मंदिर की छवि धूमिल हुई। पत्र में एक स्थानीय राजनेता से साठगांठ को लेकर भी बात कही गई है। ट्रस्ट ने आरोप लगाया है कि जनाधार खो चुके नेता राजेंद्र सलूजा, जो केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए आस्था के केंद्र टेकरी सरकार मंदिर का उपयोग करना चाहते हैं, उनसे हाथ मिलाकर ही जिला संयोजक बजरंगबली के मंदिर पर सवाल खड़े कर रहे हैं। ट्रस्ट के अनुसार बिना किसी ठोस प्रमाण के करोड़ों रुपयों के फेरबदल का आरोप लगाना बेहद आपत्तिजनक है।

हम भी कट्टर हिंदुत्ववादी, संघ और वीएचपी की विचारधारा से जुड़े हैं

मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने पत्र के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट किया कि वे सभी भी कट्टर हिंदुत्ववादी और सनातनी हैं, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की मूल विचारधारा से पूरी तरह जुड़े हुए हैं। टेकरी ट्रस्ट के सभी कार्य तय नियमों और जनभावनाओं के अनुरूप ही पूरी पारदर्शिता के साथ संपादित किए जाते हैं। जिला संयोजक ने बिना किसी आधार के उंगली उठाकर न सिर्फ ट्रस्ट को, बल्कि बजरंग दल जैसे बड़े अनुशासित संगठन को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। ट्रस्ट ने प्रांत संगठन मंत्री से इस पूरे घटनाक्रम पर सौहार्दपूर्ण ढंग से विचार करते हुए जिला संयोजक के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि धरातल पर सनातन और हिंदुत्व का झंडा उठाने वाले लोगों का मनोबल न टूटे। इस पत्र की प्रतिलिपियां संघ और वीएचपी के अन्य शीर्ष क्षेत्रीय व प्रांतीय पदाधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं।