गोपालपुरा बांध की ऊंचाई 4 फीट बढ़ेगी; जंक्शन पॉइंट्स पर लगेगी कटीली तारों की फेंसिंग
गुनिया नदी से कचरा साफ करने रोज चलेंगे 4 डंपर, बारिश से पहले 50 राउंड का टारगेट
गुना।अनंत न्यूज़
बीते साल गुनिया नदी ने शहर में जो तबाही मचाई थी, वह कहानी इस मानूसन में दोबारा नहीं दोहराई जाएगी। प्रशासन की पहली और आखिरी प्राथमिकता आगामी बारिश में हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसी संकल्प के साथ रविवार को कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल अचानक अधिकारियों की फौज लेकर गुनिया नदी के किनारे-किनारे उतर पड़े।
कलेक्टर ने कड़ी धूप में लगभग सवा दो घंटे तक गोपालपुरा, मंडी रोड, हाट रोड रपटा, मंडी पुल और बांसखेड़ी जैसे संवेदनशील और बाढ़ प्रभावित इलाकों का पैदल घूमकर विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने पूर्व में तैयार की गई फाइलों को बंद कर सीधे जमीन पर उतरकर पुरानी योजनाओं और एस्टीमेट्स की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान शहर को जलमग्न होने से बचाने के लिए कुछ बड़े और कड़े फैसले लिए गए। अधिकारियों ने बताया कि गोपालपुरा बांध की ऊंचाई को लगभग 4 फीट बढ़ाया जा रहा है। इससे बांध की जल संग्रहण क्षमता बढ़ेगी और तेज बारिश के दौरान जो पानी रिहायशी इलाकों में बैक मारता था, वह रुक जाएगा। नदी के ऐसे जंक्शन पॉइंट जहां तीन दिशाओं से पानी आकर मिलता है और भंवर जैसी स्थिति बनती है, वहां राहगीरों की सुरक्षा के लिए 4-4 फीट ऊंची कटीली तार फेंसिंग (वायर मेष) लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि तेज बहाव के वक्त कोई उसमें गिर न सके।
चोक नालों पर लोक निर्माण विभाग का हथौड़ा
नानाखेड़ी गेट मार्ग पर जल निकासी में आ रहे अवरोध को देखते हुए कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग को तत्काल एक्शन मोड में आने को कहा, जिसका एस्टीमेट पहले ही तैयार हो चुका है। नगर पालिका को अल्टीमेटम देते हुए उन्होंने कहा कि गुनिया नदी का गला घोंट रहे मलबे और कचरे को साफ करने के लिए रोजाना न्यूनतम 4 डंपर काम पर लगाए जाएं। मानसून की पहली दस्तक से पहले नदी से कचरा उठाने के कम से कम 50 राउंड पूरे हो जाने चाहिए।
रिवर फ्रंट की भी तैयारी
कलेक्टर कन्याल ने शहरवासियों को उम्मीद जगाते हुए बताया कि गुनिया नदी प्रोजेक्ट की एक भव्य और विस्तृत योजना (रिवर फ्रंट डेवलपमेंट) शासन को भेजी जा चुकी है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी, गुनिया नदी का चेहरा बदल दिया जाएगा। लेकिन फिलहाल फोकस सिर्फ और सिर्फ जनता को बाढ़ से बचाना है।
बांसखेड़ी पुलिया का मिडिल पोर्शन पहले साफ करो
दौरे के आखिरी पड़ाव में कलेक्टर बांसखेड़ी पुलिया पहुंचे। वहां नदी के बीचो-बीच फंसे मलबे को देखकर उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि किनारों से पहले नदी के मध्य हिस्से की सफाई प्राथमिकता पर करें, क्योंकि बीच में रुका कचरा ही पानी को रोककर घरों में घुसाता है। उन्होंने इस अभियान में सिविल सोसाइटी और स्थानीय नागरिकों के जनसहयोग की जमकर तारीफ की। इस मैदानी निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर अखिलेश जैन, एसडीएम गुना शिवानी पांडे, तहसीलदार जीएस बैरवा, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री कोमल उइके सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी पसीना बहाते नजर आए।