राजस्थान के डकैतों का गुना जिले के आधा दर्जन गांवों में तांडव!

लूटपाट की, महिलाओं को धमकाया, वाहनों में तोड़फोड़ खाली हाथ लौटी फतेहगढ़ पुलिस तो ग्रामीणों ने घेरा एसपी ऑफिस

राजस्थान के डकैतों का गुना जिले के आधा दर्जन गांवों में तांडव!
एसपी से गुहार लगाने पहुंचे ग्रामीण।

गुना। अनंत न्यूज़

मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीमा पर बसे गुना जिले के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र में इन दिनों सरहद पार के डकैतों का खुला तांडव चल रहा है। सीमावर्ती ग्राम टकोदिया और उसके आसपास के इलाकों में राजस्थान के बदमाशों ने इस कदर अपनी समानांतर सत्ता कायम कर ली है कि अब स्थानीय ग्रामीण अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं।

स्थानीय फतेहगढ़ थाना पुलिस की लचर कार्यप्रणाली और निष्क्रियता से आक्रोशित और डरे-सहमे ग्रामीणों ने आखिरकार धाकड़ समाज के पदाधिकारियों के साथ जिला मुख्यालय पहुंचकर एसपी आॅफिस का घेराव कर दिया। ग्रामीणों का साफ तौर पर आरोप है कि पुलिस की सुस्ती और टालमटोल वाले रवैये के कारण ही सीमा पार के इस गैंग के हौसले सातवें आसमान पर हैं। शनिवार को इन गांवों के लोग जिला मुख्यालय पर एसपी से शिकायत करने पहुंचे। पीड़ितों ने बताया कि दिल दहला देने वाली ताजा वारदात बीते 30 जून की है। राजस्थान के छबड़ा जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम छतरपुरा के रहने वाले शातिर डकैतों के एक हथियारबंद गिरोह ने टकोदिया गांव को निशाना बनाया। बदमाशों ने इस वारदात के लिए उस समय को चुना, जब गांव के अधिकांश पुरुष अपने खेतों में कृषि कार्य के लिए गए हुए थे और घरों में केवल महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग ही अकेले थे। बदमाशों को हथियारों के साथ गांव में दाखिल होते देख पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। डकैतों का हिंसक रूप देखकर डरी-सहमी महिलाओं ने खुद को कमरों के भीतर बंद कर किसी तरह अपनी आबरू और जान बचाई। इस बीच, बेखौफ बदमाशों ने कई घरों के ताले चटकाए और अंदर रखे सोने-चांदी के जेवरात सहित मोबाइल व अन्य कीमती उपकरण लूट लिए। इतना ही नहीं, बाहर खड़ी एक चार पहिया गाड़ी और मोटरसाइकिल को भी लाठी-डंडों से पीटकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।

महिलाओं से अभद्रता, विरोध करने पर ग्रामीणों को लहूलुहान किया

लूटपाट के दौरान जब बदमाशों ने घरों के दरवाजे तोड़ने की कोशिश की, तो अंदर मौजूद महिलाओं के साथ बेहद अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की गई। इसी बीच शोर सुनकर जब ग्रामीण आनंद प्रकाश और लक्ष्मीनारायण धाकड़ ने मौके पर पहुंचकर बदमाशों को रोकने का साहस दिखाया, तो डकैतों ने उन पर लाठियों और हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। दोनों ग्रामीणों को बेरहमी से पीटकर लहूलुहान कर दिया गया। घटना के बाद घायलों को बमुश्किल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया है।

खाली हाथ लौटी पुलिस, अब नदी किनारे आकर धमकी दे रहा सरगना

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ पुलिस की नाकामी के बाद आया है। ग्रामीणों ने बताया कि घटना के तुरंत बाद फतेहगढ़ पुलिस को सूचना दी गई थी। बढ़ते दबाव को देखते हुए फतेहगढ़ पुलिस की एक टीम आरोपियों को दबोचने के लिए राजस्थान के छतरपुरा रवाना भी हुई थी। लेकिन स्थानीय इनपुट और ठोस रणनीति के अभाव में पुलिस टीम वहां से पूरी तरह खाली हाथ लौट आई। पुलिस की इस नाकामी ने डकैतों के हौसलों को हवा दे दी है। बताया जा रहा है कि छतरपुरा निवासी एक विशेष समुदाय का मुख्य आरोपी इस पूरे गिरोह का संचालन कर रहा है। पुलिस के वापस लौटते ही इस सरगना का दुस्साहस इतना बढ़ गया है कि वह अब दिन-दहाड़े गांव के नजदीक तक आ धमकता है। टकोदिया गांव के पास से गुजरने वाली पार्वती नदी के दूसरे छोर (राजस्थान सीमा) पर आकर यह सरगना खड़े होकर ग्रामीणों को सीधे तौर पर देख लेने और अंजाम भुगतने की धमकियां चमकाता है और आसानी से वापस लौट जाता है।

आधा दर्जन गांवों में दहशत का साया, उग्र आंदोलन की चेतावनी

पार्वती नदी के किनारे बसे टकोदिया के अलावा डुमावन, रामनगर, टगरया, भूमलाखेड़ी और चक पारसीखेड़ा जैसे लगभग आधा दर्जन गांवों में इस समय इस विशेष समुदाय के गैंग का जबरदस्त खौफ है। स्थिति यह है कि ग्रामीण अब शाम ढलते ही अपने घरों के दरवाजे मजबूत पत्थरों से बंद कर लेते हैं और पुरुषों का खेतों पर जाना दूभर हो गया है। धाकड़ समाज के पदाधिकारियों ने एसपी को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि यदि मध्यप्रदेश की सीमा में घुसकर आतंक मचाने वाले इन राजस्थान के डकैतों पर तुरंत शिकंजा नहीं कसा गया और ग्रामीणों को चौबीस घंटे सुरक्षा नहीं मिली, तो पूरे क्षेत्र का नागरिक समाज सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।