गुना में समर्थन मूल्य पर खरीदी हुई शुरु, कलेक्टर ने किसान को पहनाई माला
दावा-बाजार से अच्छे दाम दे रही सरकार
गुना। अनंत न्यूज़
जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं और मसूर की खरीदी का कार्य सुचारू रूप से जारी है। उपार्जन कार्यों की जमीनी हकीकत जानने और व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने बुधवार को नानाखेड़ी मंडी स्थित उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। उन्होंने केंद्र पर अपनी उपज लेकर आए अन्नदाताओं का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया और उन्हें मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। कलेक्टर ने किसानों से चर्चा कर व्यवस्थाओं के संबंध में फीडबैक लिया। इस मौके पर उन्होंने किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित करते हुए पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। कलेक्टर ने खरीदी प्रक्रिया के हर चरण का सूक्ष्मता से परीक्षण किया। उन्होंने तौल व्यवस्था, रिकॉर्ड संधारण (मशीनों और रजिस्टरों में प्रविष्टि) और संपूर्ण संचालन प्रणाली को देखा। निरीक्षण के दौरान उनके साथ एसडीएम गुना शिवानी पाण्डेय, जिला आपूर्ति अधिकारी अवधेश पाण्डेय, और उपसंचालक कृषि श्री संजीव शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समय-सीमा के भीतर होनी चाहिए। केंद्र पर भीषण गर्मी को देखते हुए किसानों के लिए ठंडे पेयजल, बैठने के लिए छायादार स्थान और अन्य मूलभूत सुविधाओं में कोई कमी न रहे। कलेक्टर ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी फसल का भुगतान अधिकतम 2 से 7 कार्य दिवसों के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
समर्थन मूल्य से किसानों को मिल रहा सीधा लाभ
संवाद के दौरान किसानों ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि खुले बाजार की तुलना में समर्थन मूल्य पर बेचने से उन्हें काफी फायदा हो रहा है। किसानों के अनुसार लगभग 900 से 1000 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त लाभ मिल रहा है। गेहूं पर लगभग 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त लाभ मिल रहा है। खाद्य विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गुना मंडी स्थित दो केंद्रों पर अब तक 12 किसानों से 269 क्विंटल गेहूं और 210 क्विंटल मसूर की खरीदी की जा चुकी है। वर्तमान में जिले भर में कुल 27 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ प्रशासन द्वारा नियमित निगरानी और किसानों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।