जनकल्याण शिविरों के परिणाम दिखें जमीन पर: कन्याल

टेकरी परिसर में आयोजित होगा जिला स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम, मानसून पूर्व पुल-पुलियों की मरम्मत के निर्देश

जनकल्याण शिविरों के परिणाम दिखें जमीन पर: कन्याल

गुना। अनंत न्यूज़

कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में सोमवार को एक महत्वपूर्ण समय-सीमा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जा रहे जनकल्याण शिविरों की प्रगति, आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों, मानसून पूर्व आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं, आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन तथा ज्ञान भारतम् अभियान सहित विभिन्न जनहितैषी विषयों की गहन समीक्षा की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में अपर कलेक्टर अखिलेश जैन, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक दुबे सहित विभिन्न शासकीय विभागों के जिला अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने जनकल्याण शिविरों की समीक्षा करते हुए कड़े निर्देश दिए कि इन शिविरों का वास्तविक परिणाम जमीन पर दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिविरों का मूल उद्देश्य केवल योजनाओं का प्रचार करना नहीं, बल्कि आमजन की समस्याओं का प्रभावी व त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है। शिविरों के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विभागीय जानकारियों को पहुँचाया जाए, पात्र हितग्राहियों का एक व्यवस्थित डाटाबेस तैयार हो और प्राप्त होने वाले आवेदनों का यथासंभव शिविर स्थल पर ही तत्काल निराकरण किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने सभी प्रकरणों की समय पर ऑनलाइन और ऑफलाइन  प्रविष्टि दर्ज करने की हिदायत दी।

टेकरी परिसर में मनेगा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के जिला स्तरीय कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से समय पर आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योग दिवस का उद्देश्य महज एक दिन का कार्यक्रम आयोजित करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को योग के माध्यम से स्वस्थ एवं निरोग जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। इस वर्ष गुना का मुख्य जिला स्तरीय आयोजन सुप्रसिद्ध टेकरी परिसर में आयोजित किया जाएगा।

ऐतिहासिक धरोहरों का होगा संकलन, मानसून को लेकर प्रशासन मुस्तैद

बैठक में 'ज्ञान भारतम् अभियान' के अंतर्गत वर्ष 1950 से पूर्व की ऐतिहासिक धरोहरों, हस्तलिखित प्राचीन दस्तावेजों एवं अन्य महत्वपूर्ण ऐतिहासिक सामग्रियों के संकलन पर भी विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के इतिहासकारों, वरिष्ठ नागरिकों एवं पुराने शिक्षकों से जीवंत संपर्क स्थापित कर ऐसी दुर्लभ जानकारियों को एकत्रित किया जाए।