गुना को अपराध मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस का मेगा प्लान
1000 से अधिक स्थानों पर तीसरी आंख का पहरा
गुना। अनंत न्यूज़
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग गुना जिले को पूरी तरह से अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए मिलकर एक साझा रणनीति पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत अब इस सुरक्षा चक्र में आम जनता से भी सहयोग की बड़ी अपील की गई है। इस कानून-व्यवस्था और सुरक्षा मुहिम को और अधिक गति देने के लिए कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और एसपी हितिका वासल ने संयुक्त रूप से शहर वासियों के लिए एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया है, जिसमें तकनीक और जनभागीदारी के समन्वय पर जोर दिया गया है।
प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त संदेश में नागरिकों से अपने-अपने घरों, कॉलोनियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर हाई-क्वालिटी सीसीटीवी कैमरे लगवाने का विशेष आग्रह किया है। इतना ही नहीं, शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता व चाक-चौबंद करने के लिए इन निजी कैमरों को गुना पुलिस के मुख्य सीसीटीवी कंट्रोल रूम से जोड़ने का भी आह्वान किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि शहर के किसी भी कोने में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों के फुटेज सीधे पुलिस के पास सुरक्षित रहें, ताकि समय रहते किसी भी गंभीर अपराध को रोका जा सके या फिर अपराध घटित होने की स्थिति में अपराधियों की धरपकड़ तत्काल की जा सके। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने इस मेगा प्लान की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में गुना शहर के 400 से अधिक संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की 'तीसरी आंख' यानी शासकीय सीसीटीवी कैमरे लगातार नजर रख रहे हैं। अब जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने मिलकर शहर के 1000 से ज्यादा नए स्थानों को सर्विलांस (निगरानी) के दायरे में लाने का एक बड़ा लक्ष्य तैयार किया है। इस मेगा प्लान को अमलीजामा पहनाने के लिए शहर के प्रमुख कोचिंग संस्थानों, बैंकों, मैरिज गार्डनों, व्यापारिक संगठनों और बड़े दुकानदारों का विशेष सहयोग लिया जा रहा है, जिससे पूरा शहर एक अभेद्य सुरक्षा घेरे में तब्दील हो सके।
एसपी ने दी साइबर फ्रॉड से बचने की सीख
दूसरी ओर, गुना एसपी हितिका वासल ने पुलिस मुख्यालय के विशेष निदेर्शों पर चलाए जा रहे 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया है। उन्होंने बदलते दौर में बढ़ रहे डिजिटल अपराधों का जिक्र करते हुए नागरिकों को आॅनलाइन भुगतान करते समय और मोबाइल का उपयोग करते समय विशेष सतर्कता व सावधानी बरतने की सलाह दी है। एसपी ने आम जनता को सचेत करते हुए कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की आॅनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट या साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे बिना वक्त गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए। समय रहते इस नंबर पर सूचना देने से धोखाधड़ी करने वाले शातिर अपराधी के बैंक खाते को पुलिस द्वारा तुरंत फ्रीज कराया जा सकेगा।