जीआरपी को स्टेशन पर मिला रोता हुआ मासूम, परिजनों से मिलाया

जीआरपी को स्टेशन पर मिला रोता हुआ मासूम, परिजनों से मिलाया

गुना। गुना जीआरपी ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत मानवीय संवेदनाओं की एक अनूठी मिसाल पेश की है। पुलिस की सजगता और ममतामयी व्यवहार के चलते उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से भटका हुआ एक मासूम बच्चा सकुशल अपने परिवार से मिल सका। बालक के माता-पिता लाचार हैं; उसकी मां नेत्रहीन हैं और पिता चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं।

यह मामला 30 मई का है, जब वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत जीआरपी थाना प्रभारी श्रीपाल भदौरिया और उनका स्टाफ प्लेटफॉर्म चेकिंग पर था। इसी दौरान उन्हें एक बालक अकेला बैठकर रोता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम उसे थाने लेकर आई, लेकिन शुरूआती पूछताछ में उसकी भाषा समझ नहीं आने के कारण घर का पता लगाना मुश्किल हो रहा था। थाने में मौजूद महिला आरक्षक पायल पालीवाल ने बालक को दुलारते हुए आत्मीयता से बातचीत की, तो सहमे हुए बच्चे का डर दूर हुआ। उसने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के कुशीनगर क्षेत्र का रहने वाला है। इसके बाद गुना जीआरपी ने तुरंत यूपी पुलिस से संपर्क साधा और कड़ियां जोड़ते हुए पता लगाया कि बालक कुशीनगर जिले के ग्राम जंगल पट्टी का रहने वाला है। जब बालक के माता-पिता का पता चला, तो सामने आया कि वे अपनी शारीरिक असमर्थता के कारण गुना आने की स्थिति में नहीं थे। ऐसे में ग्राम प्रधान के सहयोग से बच्चे के पड़ोसियों को गुना भेजा गया। पड़ोसियों के गुना पहुंचने तक बालक को पूरी सुरक्षा के साथ स्थानीय माँ स्वरूपा आश्रम में रखा गया था। गुना आने पर जीआरपी थाना प्रभारी श्रीपाल भदौरिया और उनके स्टाफ ने वैधानिक औपचारिकताएं पूरी कर सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष की स्वीकृति से बालक को पड़ोसियों के सुपुर्द किया। इस सराहनीय और भावुक रेस्क्यू आॅपरेशन के लिए स्थानीय लोगों और बालक के ग्रामीणों ने गुना जीआरपी स्टाफ का आभार जताया है।