गुना में रात्रि चौपाल से कलेक्टर ने दिया आत्मनिर्भर गांव और प्राकृतिक खेती का मंत्र
फूल वर्षा व साफा बांधकर कलेक्टर-एसपी का स्वागत, ग्रामीणों से सीधा संवाद कर साझा की विकास की रूपरेखा
गुना।अनंत न्यूज़
गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्राकृतिक खेती, स्वरोजगार और आधुनिक तकनीक को अपनाना बेहद जरूरी है। इसी संदेश के साथ कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने बुधवार रात कुंभराज क्षेत्र के ग्राम बड़ौद में आयोजित रात्रि चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।
कार्यक्रम की शुरूआत बेहद आत्मीय वातावरण में हुई। ग्रामीणों ने गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर तथा परंपरागत साफा बांधकर कलेक्टर का स्वागत किया। इस दौरान ग्रामीणों की जुबान पर एक ही स्वर गूंजता रहा— गुलाब गुनिया देखेगी सारी दुनिया। इस भव्य स्वागत से अभिभूत कलेक्टर ने कहा कि गुना जिला आज विकास के नए आयाम गढ़ रहा है और इसमें गांवों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। किसानों से चर्चा करते हुए कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि खेत पर मेड़ और मेड़ पर पेड़ कोई नई अवधारणा नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध ग्रामीण परंपरा का हिस्सा रही है। उन्होंने कहा कि पहले खेतों की मेड़ों पर बड़े-बड़े वृक्ष होते थे, जो पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और अतिरिक्त आय का माध्यम बनते थे। उन्होंने किसानों से नीम, पीपल, बरगद, आम सहित अन्य फलदार एवं छायादार वृक्ष लगाने का आग्रह करते हुए कृषि और पर्यावरण के संतुलन पर विशेष जोर दिया।
प्राकृतिक खेती को बताया स्वस्थ भविष्य की राह
किसानों को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग मिट्टी की उर्वरता को नष्ट करने के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य को भी बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे ऐसी खेती करें जिसका उत्पादन पूरी तरह सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक हो। उन्होंने रसायनों के उपयोग को कम कर प्राकृतिक और जैविक विकल्पों को अपनाने की आवश्यकता बताई।
युवाओं को दिया गांव में रहकर आत्मनिर्भर बनने का मंत्र
चौपाल में बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं से संवाद करते हुए कलेक्टर ने कहा कि रोजगार के लिए केवल शहरों की ओर पलायन ही एकमात्र विकल्प नहीं है। उन्होंने आईटीआई, कौशल विकास प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से गांवों में ही रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को रेखांकित किया। इलेक्ट्रिशियन, मोबाइल रिपेयरिंग, मोटर रिपेयरिंग, ड्रोन संचालन, सोलर तकनीक तथा हॉर्टिकल्चर जैसे क्षेत्रों को भविष्य के अवसर बताते हुए उन्होंने युवाओं को कौशल आधारित रोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया।