कुंभराज में रंगदारी पर सियासी घमासान के बीच पुलिस का बड़ा एक्शन

बैंगलोर भागने की फिराक में थे 4 आरोपी, भोपाल स्टेशन से दबोचे

कुंभराज में रंगदारी पर सियासी घमासान के बीच पुलिस का बड़ा एक्शन
पुलिस गिरफ्त में रंगदारी के आरोपी।

गुना/कुंभराज।अनंत न्यूज़

 कुंभराज में रंगदारी दिखाकर जानलेवा हमले और तोड़फोड़ के मामले ने अब न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि सियासी तौर पर भी तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर घटनाक्रम के बाद जहां एक ओर कुंभराज का बाजार बंद रहा और पूर्व विधायकों ने पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया, वहीं दूसरी ओर बढ़ते दबाव के बीच गुना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मामले में फरार चल रहे चार और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी भोपाल रेलवे स्टेशन पर बैंगलोर भागने की फिराक में ट्रेन का इंतजार कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।

इस आपराधिक घटनाक्रम ने कुंभराज में उस समय बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया जब मंगलवार को विरोध स्वरूप स्थानीय दुकानें पूरी तरह बंद हो गईं। कानून व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप लगाते हुए भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेता भी मैदान में उतर आए। पूर्व विधायक ममता मीना ने मौके पर पहुंचकर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कुंभराज और चांचौड़ा क्षेत्र में इस समय 'देवर राज' चल रहा है, जिससे अपराधी बेखौफ हैं और आम जनता डरी हुई है। वहीं, पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह ने कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाते हुए आरोप लगाया कि इतने बड़े घटनाक्रम में स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्षता के लिए स्थानीय पुलिस के बजाय बाहर की पुलिस टीम से जांच कराई जानी चाहिए।

बैंगलोर भागने की फिराक में थे आरोपी, भोपाल में घेराबंदी
राजनीतिक और सामाजिक दबाव के बीच पुलिस अधीक्षक हितिका वासल के कुशल नेतृत्व, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन और एसडीओपी चांचौड़ा मनोज कुमार झा के पर्यवेक्षण में पुलिस की विशेष टीम ने दबिश तेज की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के अगले ही दिन 30 मई को एक आरोपी आदित्य उर्फ अद्दू अहिरवार को पहले ही जेल भेज दिया था। इसके बाद मुखबिर और साइबर सेल की मदद से 2 जून को एक और आरोपी विवेक पुत्र जगमोहन खटीक (19) निवासी खटीक मोहल्ला कुंभराज को गिरफ्तार किया गया। वहीं 3 जून की सुबह पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि शेष तीन आरोपी भोपाल रेलवे स्टेशन पर हैं और बैंगलोर भागने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। कुंभराज थाना प्रभारी पंकज त्यागी, मृगवास थाना प्रभारी संदीप यादव और सानई चौकी प्रभारी नीरज लोधी की संयुक्त टीम ने तत्काल भोपाल पहुंचकर स्टेशन पर घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों में सोहेल खान पुत्र सहराज खान (23), निवासी नानाखेड़ी केंट गुना, अरुण उर्फ अंटया पुत्र रामस्वरूप अहिरवार (25), निवासी साहू मोहल्ला कुंभराज, शिवम पुत्र कमलेश साहू (26), निवासी साहू मोहल्ला कुंभराज शामिल हैं। पकड़े गए सभी चार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

यह था पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि 29 मई 2026 की रात ग्राम उमरया निवासी रोहित मीना (21) अपने ममेरे भाई महेंद्र मीना के साथ ट्रैक्टर से लौट रहा था। कुंभराज के साहू मोहल्ला में आरोपियों ने ट्रैक्टर रोककर खुद को इलाके का गुंडा बताते हुए अवैध रुपयों (रंगदारी) की मांग की। विरोध करने पर लोहे की रॉड और लुहांगी से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद आरोपियों के अन्य साथियों ने लाठियों से ट्रैक्टर में भी जमकर तोड़फोड़ की थी। पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। गुना पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में गुंडागर्दी और रंगदारी करने वाले असामाजिक तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ शून्य सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति के तहत कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी। इस सफल कार्रवाई में साइबर सेल के कुलदीप भदौरिया सहित पुलिस टीम के कई आरक्षकों की सराहनीय भूमिका रही।