दुकानदारों का दावा—गलती किसानों की, भुगतना पड़ रहा हमें
चांचौड़ा-बीनागंज में कृषि दवा विक्रेताओं ने बंद रखीं दुकानें, कृषि विस्तार अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
गुना। दयालवाणी
चांचौड़ा-बीनागंज क्षेत्र के कृषि आदान (खाद-बीज एवं दवा) विक्रेताओं ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर सोमवार को अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखीं और वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी विकासखंड चांचौड़ा को एक ज्ञापन सौंपा। विक्रेताओं ने एकजुट होकर प्रशासन से सुरक्षा और समस्या के त्वरित समाधान की गुहार लगाई है।
कृषि विस्तार अधिकारी को दिए ज्ञापन में दुकानदारों ने आरोप लगाया कि कई किसान अपनी ही लापरवाही के कारण फसल नुकसान झेल रहे हैं और उसका ठीकरा विक्रेताओं पर फोड़ रहे हैं। दुकानदारों का दावा है कि किसान सोयाबीन की दवा मक्के में और मक्के की दवा सोयाबीन में छिड़ककर फसल नष्ट कर लेते हैं और फिर झूठी शिकायत दर्ज कराने तथा पुलिस रिपोर्ट करने की धमकियाँ देते हैं। इतना ही नहीं, कुछ किसान फसल के पूरे नुकसान के मुआवजे की भी अनुचित मांग कर रहे हैं। विक्रेताओं का कहना है कि वे हर किसान को दवा बेचते समय पूरी सावधानी से समझाते हैं और बाकायदा कीटनाशक के डिब्बों पर 'सोयाबीन' या 'मक्का' स्पष्ट लिखकर देते हैं। इसके बावजूद किसान जल्दबाजी या गलतफहमी में गलत दवा का छिड़काव कर रहे हैं। इसके अलावा, मौसम की विपरीत परिस्थितियों और अनियमित बारिश के कारण भी फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, लेकिन किसान इसका जिम्मेदार भी दुकानदारों को ठहराकर उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। व्यापारियों ने कृषि विभाग और प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित समाधान निकालने की मांग की है, ताकि वे निर्भीक होकर अपना व्यवसाय संचालित कर सकें।