रीढ़ मजबूत हो तो राष्ट्र अन्याय का मुकाबला कर सकता है

मजदूर चौक पर लगी महान क्रांतिकारी शिवदास घोष विचार प्रदर्शनी

रीढ़ मजबूत हो तो राष्ट्र अन्याय का मुकाबला कर सकता है
जयस्तंभ चौराहे पर प्रदर्शनी के दौरान संबोधित करते एटक नेता।

गुना। दयालवाणी

जयस्तंभ चौक स्थित मजदूर चौराहे पर ट्रेड यूनियन 'आॅल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर' द्वारा महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं विचारधारा के संवाहक शिवदास घोष की स्मृति में एक दिवसीय विचार प्रदर्शनी लगाई गई। जिसका शुभारंभ एटक के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र भदोरिया ने किया।

नरेंद्र भदोरिया ने सरकारों पर वैचारिक हमला करते हुए कहा कि वर्तमान में मजदूरों को न्यूनतम वेतन तक नहीं मिल पा रहा है। रोजाना जयस्तंभ चौराहे पर जुटने वाले आधे से अधिक मजदूर काम न मिलने के कारण निराश होकर लौटने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए भारी उद्योग स्थापित करने की मांग की। संगठन के जिला सचिव लोकेश शर्मा ने शिवदास घोष के विचारों को रेखांकित करते हुए कहा कि एक राष्ट्र भूखा और निहत्था रहकर भी अन्याय व अत्याचार का मुकाबला कर सकता है, बशर्ते उसकी नीति और नैतिकता की रीढ़ मजबूत हो। उन्होंने युवाओं, किसानों और मजदूरों से महंगाई, बेरोजगारी, महंगी शिक्षा और इलाज के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने तथा शोषणमुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट अवतार सिंह चंदेल ने किया तथा अंत में सिद्धांत कुमार ने आभार व्यक्त किया। जानकारी दी गई कि 5 अगस्त को शिवदास घोष के स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न स्थानों पर ऐसी विचार प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है।