गुना में बिजली कंपनी की गुंडागर्दी!

पूरा बिल जमा होने पर भी खंभे से काटा कनेक्शन, स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं में दहशत

गुना में बिजली कंपनी की गुंडागर्दी!
खंभे पर चढ़कर बिजली कनेक्शन काटते कर्मचारी।

गुना।अनंत न्यूज़

गुना शहर में बिजली कंपनी के मैदानी कर्मचारियों की तानाशाही और दादागिरी इस कदर बढ़ गई है कि अब उपभोक्ताओं को डरा-धमकाकर जबरन स्मार्ट मीटर थोपे जा रहे हैं। ताजा मामला शहर की शुक्ला कॉलोनी से सामने आया है, जहां बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने अपनी मनमानी की सारी हदें पार कर दीं। कॉलोनी में इन दिनों स्मार्ट मीटर लगाने का काम चल रहा है।

इसी दौरान जब बिजली कर्मचारियों ने स्थानीय निवासी लखन जाटव को फोन किया, तो उन्होंने स्मार्ट मीटर लगवाने से मना कर दिया। उपभोक्ता की यह बात बिजली कंपनी के कारिंदों को इतनी नागवार गुजरी कि उन्होंने बिना किसी पूर्व सूचना या कानूनी नोटिस के, सीधे बिजली के खंभे पर चढ़कर लखन जाटव के घर का कनेक्शन ही काट दिया। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित उपभोक्ता लखन जाटव का बिजली का पूरा बिल क्लियर है और कंपनी का उन पर एक भी रुपया बकाया नहीं है। पूरी ईमानदारी से समय पर बिल चुकाने के बावजूद सिर्फ स्मार्ट मीटर न लगवाने की बात कहने पर उनके घर की बत्ती गुल कर दी गई। बिजली कंपनी की इस त्वरित और एकतरफा दंडात्मक कार्रवाई से पीड़ित का पूरा परिवार इस भीषण गर्मी में परेशान है। इतना ही नहीं, कंपनी की इस कार्रवाई में साफ तौर पर भेदभाव भी नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि शुक्ला कॉलोनी में ऐसे कई घर हैं जहां फिलहाल अलग-अलग कारणों से स्मार्ट मीटर नहीं लग पाए हैं, लेकिन बिजली अमले ने चुनिंदा तौर पर कार्रवाई करते हुए केवल तीन घरों के कनेक्शन काटे, जबकि बाकी 5 से 6 अन्य घरों को छुआ तक नहीं गया। इस भेदभावपूर्ण रवैये को लेकर पूरी कॉलोनी के उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश और असंतोष व्याप्त है।

आला अधिकारियों के दावों की खुली पोल, दहशत में लोग

इस पूरे घटनाक्रम ने बिजली कंपनी के दोहरे चरित्र को उजागर कर दिया है। एक तरफ सरकार और बिजली कंपनी के आला अधिकारी मंचों से यह बयान देते नहीं थकते कि स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य नहीं है और इसके लिए किसी उपभोक्ता पर दबाव नहीं बनाया जाएगा। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। मैदानी अमला जबरन मीटर लगाने के लिए उपभोक्ताओं को दहशतजदा कर रहा है। गुना में यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले शहर की विवेक कॉलोनी और भार्गव कॉलोनी सहित कई इलाकों में स्थानीय निवासियों के भारी विरोध के आगे बिजली कंपनी के अमले को खाली हाथ पैर पीछे खींचने पड़े थे। सिर्फ गुना ही नहीं, बल्कि ग्वालियर और प्रदेश के अन्य शहरों से भी स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर उपभोक्ताओं और बिजली कर्मचारियों के बीच तीखी भिड़ंत की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

अघोषित कटौती से जनता बेहाल, सेवाएं सुधारने की बजाय वसूली पर जोर

एक तरफ जनता बिजली कंपनी की घटिया सेवाओं और घोषित-अघोषित बिजली कटौती से हफ्तों से त्रस्त है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी अपनी कमियां सुधारने के बजाय केवल स्मार्ट मीटर लगाने और वसूली करने पर आमादा है। शहर में बिजली संकट को लेकर आम जनता का गुस्सा चरम पर है। हाल ही में इस अव्यवस्था को लेकर जब गुना के स्थानीय भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने बिजली कंपनी के आला अधिकारियों से बातचीत के दौरान जनता का दर्द और अपना आक्रोश बयां किया, तो इस जनहित के मुद्दे को राजनीतिक रंग दे दिया गया। विधायक के इस गुस्से को सत्ताधारी दल के खिलाफ बगावत मान लिया गया और भाजपा जिला अध्यक्ष ने इसकी गोपनीय रिपोर्ट तक भोपाल (प्रदेश नेतृत्व) को भेज दी।