एनपीके खाद के दबाव से अन्नदाता परेशान

कलेक्टर ने भी की अपील तो छलका किसानों का दर्द, वितरण केंद्र का अचानक निरीक्षक करने पहुंचे जिलाधीश

एनपीके खाद के दबाव से अन्नदाता परेशान
कलेक्टर को अपनी व्यथा सुनाते हुए भावुक हो गए वृद्ध किसान।

गुना। अनंत न्यूज़

कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने नानाखेड़ी स्थित जिले के सबसे बड़े डबल लॉक खाद वितरण केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यहाँ वर्तमान में ई-विकास की नई व्यवस्था के तहत खाद बांटी जा रही है। निरीक्षण के दौरान वितरण केंद्र पर खाद संकट और अधिकारियों के रवैये को लेकर किसानों का बड़ा आक्रोश और दर्द सामने आया।

इस समय किसान अधिकारियों के रवैये से बेहद परेशान हैं। किसानों ने गंभीर आरोप लगाया कि केंद्र पर तैनात अधिकारी उन्हें जबरन एनपीके खाद लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं। अन्नदाताओं का साफ कहना है कि एनपीके खाद, डीएपी की तुलना में करीब 1100 रुपये महंगी है और फसलों के लिए उतनी असरदार भी नहीं है। हैरानी की बात यह रही कि जब खुद कलेक्टर ने भी किसानों से एनपीके इस्तेमाल करने की अपील की, तो कतारों में खड़े किसानों के बीच गहरी निराशा का भाव देखा गया। कई किसानों ने केवल दो बोरी खाद मिलने पर तीखी नाराजगी जताई। इसी बीच उकावद गांव से आए वृद्ध किसान शिवनंदन रघुवंशी कम खाद मिलने और अपनी व्यथा सुनाते हुए इतने भावुक हो गए कि उनकी आंखों में आंसू आ गए।

व्यवस्थाओं में सुधार: अब 300 के बजाय 500 को मिलेगी खाद

किसानों की परेशानी को देखते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही कई अहम निर्देश दिए। वर्तमान में एक काउंटर से प्रतिदिन 300 किसानों को खाद दी जा रही है, जिसे बढ़ाकर अब 500 करने की बात कही गई है। कलेक्टर ने वितरण केंद्र के बाहर तुरंत माइक और लाउडस्पीकर लगवाने के आदेश दिए ताकि दूर खड़े किसानों तक आवाज और जरूरी सूचनाएं स्पष्ट पहुंच सकें। साथ ही, भीषण गर्मी को देखते हुए परिसर के बाहर किसानों के लिए छांव (शेड) का तत्काल इंतजाम करने के निर्देश दिए।

किसानों से अपील: 'तारीख के हिसाब से आएं, मोबाइल साथ लाएं'

कलेक्टर ने लाउडस्पीकर के माध्यम से सीधे किसानों से संवाद किया और उनसे संयम व सहयोग बनाए रखने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान केवल अपने टोकन पर दर्ज तारीख के अनुसार ही केंद्र पर पहुंचें। इसके अलावा, उन्होंने एक व्यावहारिक समस्या का जिक्र करते हुए कहा किसान भाई खाद लेने आते समय अपना वह मोबाइल फोन अनिवार्य रूप से साथ लाएं, जिससे स्लॉट बुक किया गया है। कई बार मौके पर ओटीपी वेरिफिकेशन में समय लग जाता है, जिससे कतार में खड़े दूसरे किसानों को बेवजह परेशानी उठानी पड़ती है। कलेक्टर ने दावा किया कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है और उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी जायज समस्याओं का जल्द ही उचित समाधान किया जाएगा।

काउंटर की व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश

कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने वितरण केंद्र की खिड़की के अंदर बैठे कर्मचारी से काफी देर तक चर्चा की। उन्होंने किसी तरह की अव्यवस्था का तो जिक्र नहीं किया, लेकिन अधिकारियों से कहा कि व्यवस्था और बेहतर होना चाहिए। किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाए। कलेक्टर ने वितरण केंद्र के बाहर मौजूद कई किसानों से चर्चा की। एक किसान ने जब उन्हें बताया कि वह तीन दिनों से खाद के लिए चक्कर काट रहा है तो कलेक्टर ने पूरी पड़ताल की। इसपर पता चला कि किसान एक दिन पहले यानी गुरुवार को आए थे और शुक्रवार को दूसरा दिन था। हालांकि कलेक्टर ने किसान की परेशानी समझी और कहा कि उसे टोकन 7 तारीख तक का मिला है तो वह कम से कम 6 तारीख आएं। अगर 3 या 4 तारीख को पहुंच जाएंगे तो उन्हें परेशानी होगी और व्यवस्था बिगड़ सकती है।