इमरजेंसी ड्यूटी पर नशे में डॉक्टर! गुना जिला अस्पताल फिर शर्मशार, प्रबंधन ने नहीं कराया मेडीकल परीक्षण
अनंत न्यूज़ @ गुना। जिला अस्पताल में बीती रात एक डॉक्टर की हरकतों ने पूरे स्वास्थ्य विभाग को शर्मशार कर दिया है। चिकित्सकों के हाव-भाव और बातचीत से लग रहा था कि वे नशे में हैं और उनका अपने आप पर काबू ही नहीं था। हालांकि हमेशा की तरह आरोपों की पुष्टि करने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने चिकित्सक का मेडीकल नहीं कराया और किसी तरह डॉक्टर के बाहर जाने का इंतजाम कर उन्हें शर्मिंदगी से बचा लिया गया।
घटनाक्रम रविवार रात लगभग 9.30 बजे का है। जब बजरंगगढ़ निवासी बुजुर्ग मरीज दल्लू को उनके परिजन बीपी बढ़ने के बाद गुना जिला अस्पताल लेकर आए थे। दल्लू के पोते ने काउंटर पर पर्चा बनवाया और इमरजेंसी कक्ष क्रमांक 15 में बैठे चिकित्सक डॉ. अजय राठौर के पास पहुंच गए। हैरानी तब हुई जब डॉ. अजय राठौर अपनी ही धुन में खोए नजर आए। तभी अस्पताल में पदस्थ एक गार्ड उनके चैंबर में पहुंचा और डॉ. राठौर को इस तरह निर्देश दे रहा था कि एक पल के लिए वहां मौजूद मीडियाकर्मियों को वह भी डॉक्टर नजर आने लगा। चिकित्सक ने जैसे-तैसे पर्चे पर कुछ लिख दिया जो किसी को समझ नहीं आ रहा था। हालांकि उनके हावभाव को देखते हुए जब यह आशंका हुई कि डॉक्टर ने कुछ गलत लिख दिया होगा और उनसे पूछा गया कि जिस मरीज को भर्ती करने के निर्देश दे रहे हैं, उसका नाम क्या है? इस बार चिकित्सक की लय फिर बिगड़ गई और वह इधर-उधर की बात करने लगे। अचानक चिकित्सक को कुछ सूझा उन्होंने एक मीडियाकर्मी के हाथ से दल्लू का पर्चा छीन लिया और उसे मोड़कर अपने पास रख दिया। इस घटनाक्रम के दौरान इलाज कराने आया मरीज हैरान हो गया, उसकी तकलीफ भी लगातार बढ़ती जा रही थी। इस मामले की जानकारी जैसे ही अस्पताल प्रबंधन को मिली, तत्काल सह अधीक्षक डॉ. सूरज सिंह सहित कुछ चिकित्सक अस्पताल पहुंचे और मामले को संभालने का प्रयास किया। चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ देर पहले नशे में नजर आ रहे चिकित्सक को अस्पताल स्टाफ ने कौन से दरवाजे से बाहर भेज दिया, इसकी किसी को भनक तक नहीं लगी। बाद में मरीज दल्लू ने भी बताया कि डॉक्टर साहब नशे में थे, वह ठीक तरीके से बात भी नहीं कर पा रहे थे। अगर उनका परीक्षण कराया जाता तो तत्काल पुष्टि भी हो सकती थी। कुल मिलाकर इस घटनाक्रम ने गुना जिला अस्पताल को एक बार फिर शर्मशार कर दिया है।