सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार देख भड़के इंजीनियर विधायक अग्रवाल , लगाई अधिकारियों की क्लास, बोले- 'मैं भी इंजीनियर हूं, यह घटिया काम नहीं चलेगा'
अनंत न्यूज़ @ गुना। बमोरी विधानसभा क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट गुना-फतेहगढ़-पाड़ोन स्टेट हाईवे के निर्माण में बरती जा रही लापरवाही पर विधायक इंजीनियर ऋषि अग्रवाल का गुस्सा फूट पड़ा। लंबे समय से मिल रही भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की शिकायतों के बीच, जब विधायक स्वयं फतेहगढ़ क्षेत्र से गुजर रहे थे, तब उन्होंने अपनी आंखों से सड़क निर्माण में निर्धारित मटेरियल की जगह काली मिट्टी डाली जाती देखी। यह देखते ही विधायक ने तत्काल अपना काफिला रुकवाया और मौके पर मौजूद ठेकेदार के इंजीनियर व कंसल्टेंसी इंजीनियर को बुलाकर उनकी जमकर क्लास लगा दी।
विधायक ऋषि अग्रवाल ने अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का हवाला देते हुए अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और कड़े लहजे में कहा कि वे स्वयं एक इंजीनियर हैं और उन्हें सड़क निर्माण की बारीकियों का पूरा ज्ञान है। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि क्या सड़क के प्रावधानों में काली मिट्टी डालने की अनुमति है? विधायक ने मौके पर ही रोड में आ रहे क्रैक्स और तकनीकी खामियों को उजागर करते हुए कहा कि वे अपने क्षेत्र में जनता के पैसे की बबार्दी और भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। विधायक के तल्ख तेवरों और तकनीकी सवालों के सामने दोनों इंजीनियरों ने अपनी गलती स्वीकार की और भविष्य में ऐसी चूक न होने का आश्वासन दिया। विधायक ने स्पष्ट किया कि 62 किलोमीटर लंबी यह सड़क करीब 180 करोड़ रुपये का बड़ा प्रोजेक्ट है, जो गुना जिले को राजस्थान सीमा से जोड़ती है। यह बमोरी विधानसभा की सबसे लंबी और महत्वपूर्ण सड़क है, इसलिए इसकी गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कंसल्टेंसी की भूमिका पर भी सवाल उठाए कि यदि वे गुणवत्ता नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं, तो उनकी नियुक्ति का कोई अर्थ नहीं है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एमपीआरडीसी के अधिकारियों ने भी विधायक को गुणवत्ता सुधारने का भरोसा दिलाया है। भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए विधायक ऋषि अग्रवाल ने क्षेत्र के जागरूक युवाओं की एक विशेष टीम गठित की है, जो इस सड़क के निर्माण कार्य की लगातार निगरानी करेगी और जहां भी गड़बड़ी दिखेगी, उसकी सूचना सीधे विधायक को देगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि वे स्वयं समय-समय पर इस 180 करोड़ के प्रोजेक्ट का निरीक्षण करते रहेंगे ताकि सड़क का निर्माण नियमानुसार और बेहतरीन क्वालिटी के साथ पूर्ण हो सके। विधायक के इस सख्त रुख से विभाग और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है।