अपनों से बिछड़े नेपाली बुजुर्ग के लिए देवदूत बने समाजसेवी , दूतावास की मदद से सकुशल भेजा वतन
अनंत न्यूज़ @ गुना। मानवता की मिसाल पेश करते हुए समाजसेवी प्रमोद भार्गव की सक्रियता और अथक प्रयासों से रास्ता भटके एक नेपाली बुजुर्ग को उनके घर वापस भेज दिया गया है।
नेपाल के सप्तरी जिले के रहने वाले खुशीलाल मंडल, जो द्वारिकाधीश दर्शन के दौरान अपने साथियों से बिछड़कर गुना पहुंच गए थे, अब सुरक्षित अपने देश के लिए रवाना हो चुके हैं। खुशीलाल मंडल कुछ समय पूर्व अपने साथियों के साथ नेपाल से भारत के द्वारिकाधीश मंदिर के दर्शन करने आए थे, लेकिन इसी यात्रा के दौरान वे अपने दल से बिछड़ गए और भटकते हुए ट्रेन के माध्यम से गुना जिला मुख्यालय पहुंच गए। कई दिनों तक जिले में इधर-उधर भटकने के बाद जब स्थिति की जानकारी समाजसेवी प्रमोद भार्गव को मिली, तो उन्होंने तत्काल बुजुर्ग को अपने संरक्षण में लिया। पूछताछ के दौरान खुशीलाल मंडल ने स्वयं को नेपाल के सप्तरी जिले के ग्राम बनरझुला का निवासी बताया। इसके बाद प्रमोद भार्गव ने तकनीकी और व्यक्तिगत स्तर पर पड़ताल शुरू की और वहां के स्थानीय वार्ड अध्यक्ष से संपर्क कर बुजुर्ग की पहचान की पुष्टि करवाई। बुजुर्ग को उनके वतन भेजने के लिए प्रमोद भार्गव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय स्थापित करते हुए नेपाल के गृह मंत्रालय के सचिव आनंद काप्ले से सीधा संपर्क साधा। गृह मंत्रालय की सक्रियता के बाद नेपाल दूतावास के माध्यम से आवश्यक कागजी औपचारिकताएं पूर्ण की गईं और नेपाल व भारत में कार्यरत संस्था 'किन इंडिया' के प्रतिनिधि प्रदीप कुमार सिंह को बुजुर्ग को लेने के लिए गुना भेजा गया। अंतत: सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के उपरांत प्रमोद भार्गव ने खुशीलाल मंडल को नेपाल प्रशासन के प्रतिनिधि के सुपुर्द किया है। विदाई के इस भावुक अवसर पर बुजुर्ग का शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया गया और उन्हें उनके घर नेपाल के लिए रवाना किया गया। समाजसेवी प्रमोद भार्गव के इस निस्वार्थ मानवीय प्रयास की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है।