सच के नजदीक पहुंचना ही असली न्याय: जस्टिस अहलूवालिया

गुना में डिजिटल रिकॉर्ड रूम मैनेजमेंट सिस्टम की शुरूआत; प्रशासनिक जज बोले- न्याय की परिभाषा किसी किताब में नहीं मिलती

सच के नजदीक पहुंचना ही असली न्याय: जस्टिस अहलूवालिया

गुना। अनंत न्यूज़

एक न्यायाधीश के लिए दोषसिद्धि (कनविक्शन) या दोषमुक्ति (एक्वाइटल) बहुत ज्यादा मायने नहीं रखती, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण यह है कि क्या हम वास्तव में न्याय कर पाए। न्याय की कोई तय परिभाषा हमें किसी किताब में नहीं मिल सकती; सच के जितने अधिक निकट पहुंचा जा सके, वही वास्तविक न्याय है।

यह सारगर्भित विचार मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ के प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया ने व्यक्त किए। वे गुना में आयोजित 'डिजिटल रिकॉर्ड रूम मैनेजमेंट सिस्टम' (डीआरएमएस) के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने न्यायिक कर्मचारियों को व्यवस्था की धुरी बताते हुए कहा कि यदि बार और बेंच न्याय प्रणाली के दो पहिए हैं, तो हमारे न्यायिक कर्मचारी इसके एक्सेल (धुरी) हैं, जिनके बिना यह रथ आगे नहीं बढ़ सकता। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित पोर्टफोलियो न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला ने इस डिजिटल पहल को प्रदेश के लिए एक अनूठा नवाचार बताया। इस दौरान जिले के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने न्यायपालिका के साथ बेहतर तालमेल को रेखांकित किया। पुलिस अधीक्षक (एसपी) हितिका वासल ने बताया कि पुलिस विवेचना की कमियों को दूर करने के लिए न्यायपालिका द्वारा पुलिस कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही, जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए एक अनूठी पहल की जा रही है। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और एसपी ने साझा तौर पर बताया कि जिले के कंजर और पारदी डेरों में जाकर लगातार सुधार कार्य किए जा रहे हैं। इन समाजों को 'अपराध या विकास' का विकल्प देकर मुख्यधारा में जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके लिए बकायदा सांध्यकालीन चौपालें और शैक्षणिक डेटाबेस तैयार करने जैसे सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

'गुलाबों के शहर' के रूप में उभर रहा गुना

समारोह के दौरान जिले में चल रहे विकासात्मक और सामाजिक बदलावों की झलक भी देखने को मिली। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने अपने उद्बोधन में कहा कि न्यायपालिका, पुलिस और जिला प्रशासन के संयुक्त एवं समन्वित प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने गर्व से रेखांकित किया कि विभिन्न अभिनव प्रयासों और उन्नत खेती की ओर बढ़ते किसानों के कारण गुना अब अपनी पुरानी पहचान को पीछे छोड़ते हुए तेजी से 'गुलाबों के शहर' के रूप में अपनी नई सांस्कृतिक पहचान बना रहा है।

न्यायपालिका और प्रशासन के आला अधिकारी रहे मौजूद

इस गरिमामय कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा पारंपरिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमिताभ मिश्र ने स्वागत भाषण देते हुए इस नई डिजिटल व्यवस्था की पृष्ठभूमि और इसके क्रियान्वयन की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भूपनारायण सोलंकी और सचिव श्यामसुंदर लिटौरिया सहित न्यायिक सेवा से जुड़े कई गणमान्य लोग मंच पर उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आने वाले समय में राजस्व विभाग के रिकॉर्ड को भी इसी तर्ज पर डिजिटल किया जाएगा, जिससे आम जनता को बेहद सुगम और पारदर्शी सेवाएं मिल सकेंगी।