मल्टी केयर अस्पताल में न डॉक्टर मिले, न इलाज के वैध दस्तावेज

आरोन में अस्पताल, मेडिकल और पैथोलॉजी लैब पर जड़े सरकारी ताले

मल्टी केयर अस्पताल में न डॉक्टर मिले, न इलाज के वैध दस्तावेज
आरोन में भोपाल मल्टी केयर अस्पताल पर कार्रवाई करते अधिकारी।

गुना।अनंत न्यूज़

जिला प्रशासन ने आरोन क्षेत्र में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे अवैध और नियम विरुद्ध निजी स्वास्थ्य केंद्रों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की है। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के कड़े निर्देश और एसडीएम मंजूषा खत्री के मार्गदर्शन में राजस्व, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने अचानक औचक दबिश देकर हड़कंप मचा दिया।

सिविल अस्पताल आरोन के बीएमओ डॉ. अविनाश रघुवंशी की अगुवाई में हुई इस बड़ी कार्रवाई में नियमों को ताक पर रखकर संचालित किए जा रहे एक बड़े अस्पताल, एक अवैध मेडिकल स्टोर और एक पैथोलॉजी लैब को मौके पर ही सील कर दिया गया। इस कार्रवाई का सबसे हैरान करने वाला पहलू भोपाल मल्टी केयर हॉस्पिटल की जांच के दौरान सामने आया। नाम तो मल्टी केयर था, लेकिन निरीक्षण के समय अस्पताल में मरीजों की जान की देखभाल करने के लिए एक भी अधिकृत डॉक्टर मौजूद नहीं था। पूरा अस्पताल केवल कुछ कर्मचारियों के भरोसे छोड़ दिया गया था। हद तो तब हो गई जब ये कर्मचारी अस्पताल के संचालन से जुड़ा एक भी वैध दस्तावेज या लाइसेंस अधिकारियों के सामने पेश नहीं कर पाए। इस गंभीर लापरवाही पर टीम ने तत्काल पंचनामा बनाया और अस्पताल को सील कर दिया।

बिना लाइसेंस चल रहा था मेडिकल स्टोर

जांच के दौरान टीम को एक और बड़ा फजीर्वाड़ा मिला। इसी भोपाल मल्टी केयर हॉस्पिटल के परिसर के अंदर ही एक मेडिकल स्टोर धड़ल्ले से चलाया जा रहा था। जब ड्रग्स और दवाओं की बिक्री से जुड़े लाइसेंस की मांग की गई, तो पता चला कि यह मेडिकल स्टोर बिना किसी कानूनी परमिशन और लाइसेंस के ही अवैध रूप से दवाइयां बेच रहा था। प्रशासन ने इस 'टू-इन-वन' अवैध खेल को खत्म करते हुए अस्पताल के साथ-साथ इस मेडिकल स्टोर को भी सीलबंद कर दिया।

चालाकी काम न आई, बंद शटर के बावजूद सील हुई इंदौर पैथोलॉजी लैब

जांच दल की भनक लगते ही इंदौर पैथोलॉजी लैब के संचालक ने चालाकी दिखाते हुए अपनी लैब का शटर गिराकर ताला बंद कर दिया था ताकि कार्रवाई से बचा जा सके। लेकिन प्रशासनिक टीम ने इस पैंतरे को नाकाम कर दिया। अधिकारियों ने बंद लैब के बाहर ही पंचनामा तैयार किया और मुख्य द्वार पर सरकारी सूचना पत्र चस्पा करते हुए पूरी लैब को सीलबंद कर दिया। प्रशासन की इस सूझबूझ भरी कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य अवैध क्लीनिक और लैब संचालकों में भगदड़ मच गई।

पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी थी संयुक्त टीम

क्षेत्र में स्वास्थ्य माफियाओं के खिलाफ की गई इस बड़ी कार्रवाई में पूरा प्रशासनिक अमला मुस्तैद रहा। संयुक्त दल में सिविल अस्पताल आरोन के डॉ. रामलखन पिप्पल, डॉ. धर्मेंद्र जाट सहित अस्पताल का स्टाफ, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अमित जैन, राजस्व निरीक्षक ब्रजेंद्र सिंह बरैया और थाना आरोन का पुलिस बल मुख्य रूप से शामिल रहा। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि जनता की सेहत और जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

पहले भी सील हो चुका है अस्पताल

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भोपाल मल्टी केयर हॉस्पिटल पर पहले भी इस तरह की कार्रवाई हो चुकी है। हालांकि अस्पताल संचालक के पास न जाने कौन सी जादू की छड़ी है कि वह बार-बार कार्रवाई के बावजूद अस्पताल का संचालन शुरु कर लेता है और मरीजों का उपचार भी जारी रखता है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है।