देश के चुनिंदा 10 जिलों में गुना का प्रथम चयन

समृद्धि केंद्र के जरिए दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

देश के चुनिंदा 10 जिलों में गुना का प्रथम चयन

गुना।अनंत न्यूज़

 कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के मार्गदर्शन में आज जिला कलेक्ट्रेट सभागार में दिव्यांगजन जागरूकता, संवेदनशीलता एवं समावेशी अभिसरण योजना विषयक तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजन के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के साथ-साथ विभिन्न शासकीय विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर अधिकार-आधारित सेवाओं को सुदृढ़ करना है। कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलेक्टर कन्याल ने कहा कि समाजहित में कार्य करने वाली संस्थाओं के प्रयासों का सम्मान होना चाहिए और प्रशासन ऐसे सकारात्मक कार्यों में हरसंभव सहयोग देगा। उन्होंने गुना में संचालित 'समृद्धि केंद्र' की जानकारी देते हुए बताया कि देश के मात्र तीन केंद्रों में से एक गुना में है, जिसकी शुरूआत केंद्रीय मंत्री व सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाएं देने के लिए की थी। इसके माध्यम से दिव्यांगों को डिस्टेंस लर्निंग से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इस राष्ट्रीय पायलट पहल कार्यशाला का संचालन पुणे के 'शोधारंभ रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन' की विशेषज्ञ टीम द्वारा किया जा रहा है। संस्था के निदेशक व राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित श्री समीर घोष ने बताया कि भारत सरकार के सहयोग से देश के 10 जिलों में यह मॉडल प्रस्तावित है, जिसमें प्रथम जिले के रूप में गुना का चयन होना गौरव की बात है। कार्यशाला का उद्देश्य स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत और आपदा प्रबंधन जैसे विभागों के बीच समावेशी कार्यप्रणाली विकसित करना है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में दिल्ली के पुनर्वास विशेषज्ञ डॉ. प्रवीक वशिष्ठ और मुंबई की समावेशन विशेषज्ञ कृपाली बिदाये विभिन्न तकनीकी सत्रों का संचालन करेंगे। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को अनुभवात्मक गतिविधियों और संवाद द्वारा संवेदनशील बनाया जाएगा। शुभारंभ के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक दिनेश चंदेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।