सहायक सचिव के घर में करोड़ों की चोरी,खिड़की काटकर घर में घुसे 10-12 बदमाश, ढाई क्विंटल वजनी तिजोरी और बाइक लेकर हुए रफूचक्कर
2.5 किलो सोना, 4 किलो चांदी और 11.5 लाख कैश पार; पारदी गिरोह पर संदेह, पुलिस जांच में जुटी
गुना। दयालवाणी
जिले के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चक चुरेला में बीती रात चोरी की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है। अज्ञात बदमाशों के एक शातिर गिरोह ने सहायक सचिव पवन मीना के मकान को निशाना बनाते हुए करोड़ों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और लाखों रुपये की नगदी से भरी भारी-भरकम तिजोरी पर हाथ साफ कर दिया। बदमाश घर में रखी ढाई क्विंटल वजनी तिजोरी और पीड़ित की मोटरसाइकिल लेकर बड़े आराम से फरार हो गए। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना की रात सहायक सचिव पवन मीना और उनके पिता बाबूलाल मीना घर पर ही सो रहे थे। रात लगभग 2 बजकर 8 मिनट पर बाबूलाल मीना की नींद खुली तो उन्होंने पूरे घर का सामान्य मुआयना किया, उस समय सब कुछ पूरी तरह ठीक-ठाक था। लेकिन तड़के लगभग 4:45 बजे जब परिवार के सदस्यों ने उठने का प्रयास किया, तो पाया कि घर के अधिकांश कमरों के दरवाजे बाहर से बंद थे और कुंडी लगी हुई थी। अनहोनी की आशंका होने पर उन्होंने तुरंत पड़ोसियों को फोन कर बुलाया और दरवाजे खुलवाए। जब बाहर आकर देखा गया तो एक कमरे का नजारा देखकर परिजनों के होश उड़ गए—कमरे में रखी ढाई क्विंटल वजनी विशालकाय तिजोरी गायब थी और पूरा सामान अस्त-व्यस्त बिखरा पड़ा था।
लोहे की खिड़की काटकर दाखिल हुए थे 10 से 12 हथियारबंद बदमाश
जांच में सामने आया कि करीब 10 से 12 की संख्या में आए शातिर बदमाश घर के पीछे लगी मजबूत लोहे की खिड़की को काटकर अंदर दाखिल हुए थे। बदमाशों ने पूरे घर के चप्पे-चप्पे को खंगाला और अंत में कमरे में रखी भारी-भरकम तिजोरी को उठाकर बाहर ले गए। इस तिजोरी में लगभग 2 से 2.5 किलोग्राम सोना, करीब 4 किलोग्राम चांदी के आभूषण और 11.5 लाख रुपये की नगदी रखी हुई थी। बदमाश भारी तिजोरी को ले जाने के लिए पवन मीना की मोटरसाइकिल भी साथ में चुरा ले गए, जिस पर तिजोरी को लादकर वे आसानी से रफूचक्कर हो गए।
नदी पार कर बमोरी की तरफ भागे, सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए सुराग
वारदात की सूचना मिलते ही गुना एसपी हितिका वासल के निर्देश पर एसडीओपी एसडीओपी विवेक अष्टाना की अगुवाई में भारी पुलिस बल, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉड की टीम तत्काल मौके पर पहुँची और बारकी से साक्ष्य जुटाना शुरू किया। शुरूआती पड़ताल और खोजी कुत्तों की मदद से पता चला है कि बदमाश तिजोरी को पीड़ित की बाइक पर लादकर पड़ोसी गांव भूराखेड़ी और पथरिया होते हुए पास की एक नदी तक पहुँचे। बदमाशों ने अपनी खुद की मोटरसाइकिलें नदी के उस पार खड़ी कर रखी थीं। वहाँ उन्होंने तिजोरी को अपनी गाड़ियाँ पर शिफ्ट किया और बमोरी क्षेत्र के ग्राम परवाह की ओर रवाना हो गए। जांच के दौरान ग्राम परवाह में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए, जिनमें बदमाशों के गिरोह की संदिग्ध गतिविधियां कैद हुई हैं।
पारदी गिरोह पर गहराया संदेह, पुलिस ने कसी कमर
सीसीटीवी फुटेज और भागने के रास्ते के विश्लेषण से सामने आया है कि बदमाश बाद में पारदी बाहुल्य गांव कनेरा-कनेरी की तरफ बढ़े हैं। इसके आधार पर पुलिस आशंका जता रही है कि इस भीषण चोरी को पारदी समुदाय के किसी पेशेवर गिरोह ने अंजाम दिया हो सकता है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुँचे हैं। पुलिस की अलग-अलग विशेष टीमें लगातार संदेहास्पद गांवों और जंगलों के आसपास सक्रियता से सर्चिंग कर रही हैं। मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से बदमाशों की धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। जिले की इस सबसे बड़ी चोरी ने पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।