सलाखों के पीछे बहनों ने भाइयों को लगाया तिलक, अपराध न करने का लिया वचन

गुना जिला जेल में दिखी भावुक कर देने वाली होली

सलाखों के पीछे बहनों ने भाइयों को लगाया तिलक, अपराध न करने का लिया वचन
जिला जेल में कैदी भाइयों को तिलक लगाने पहुंचीं बहनें।

अनंत न्यूज़ @गुना। होली के दूसरे दिन 'दोज' के अवसर पर गुना जिला जेल में एक भावुक और आत्मीय नजारा देखने को मिला। जेल में बंद अपने भाइयों को तिलक लगाने और होली की शुभकामनाएं देने के लिए बड़ी संख्या में बहनें जेल परिसर पहुंचीं। जेल प्रशासन द्वारा की गई विशेष व्यवस्थाओं के बीच भाई-बहन के इस मिलन ने जेल के अनुशासन भरे माहौल को पारिवारिक उल्लास और भावनाओं से भर दिया। जेल अधीक्षक अतुल सिन्हा के निर्देशन में सुबह 10 बजे से ही मुलाकातों का सिलसिला शुरू कर दिया गया था, जो दोपहर 3 बजे तक अनवरत जारी रहा। जिला जेल में बंद कुल 316 बंदियों से मिलने आई बहनों की सुविधा के लिए जेल प्रशासन ने टेंट, शीतल पेयजल, रोली और गुलाल का व्यापक प्रबंध किया था। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए एक बंदी से मिलने के लिए अधिकतम 5 महिलाओं को प्रवेश दिया गया, हालांकि 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों के प्रवेश पर कोई पाबंदी नहीं रखी गई। सुरक्षा की दृष्टि से जेल के अंदरूनी हिस्से की कमान नियमित जेल स्टाफ ने संभाली, जबकि बाहरी परिसर में जिला पुलिस बल के जवान तैनात रहे। जेल की दीवारों के भीतर जब बहनों ने अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया, तो कई बहनों की आँखों में आँसू छलक आए। इस दौरान बहनों ने अपने भाइयों से भविष्य में कभी अपराध न करने का वचन लिया। वहीं, भावुक हुए भाइयों ने भी अपनी गलती स्वीकार करते हुए वादा किया कि वे सजा पूरी होने के बाद एक अच्छे नागरिक के रूप में समाज की मुख्यधारा में लौटेंगे। जेल अधीक्षक अतुल सिन्हा और उनके समस्त स्टाफ की सक्रियता से यह पूरा आयोजन बेहद व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। यह अवसर केवल एक त्योहार का मिलन नहीं, बल्कि बंदियों के आत्म-सुधार और पारिवारिक जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण जरिया भी बना।