बमोरी के आदिवासी पटेलिया समाज ने श्रद्धा के साथ पूजे 'लक्कड़ देवता'

मन्नत पूरी होने पर हवा में झूलकर लगाए फेरे

बमोरी के आदिवासी पटेलिया समाज ने श्रद्धा के साथ पूजे 'लक्कड़ देवता'

अनंत न्यूज़ @गुना। जिले के बमोरी ब्लॉक में होली के दूसरे दिन आदिवासी पटेलिया समाज की अनूठी और प्राचीन परंपरा का नजारा देखने को मिला। बुधवार, 4 मार्च को शाम 4 बजे से क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों में लक्कड़ देवता की विशेष पूजा-अर्चना पूरे विधि-विधान के साथ प्रारंभ हुई। इस पारंपरिक आयोजन में डोमावन, भैंस टोरी, लीलझिरी, नागदा और रोयपुर सहित अन्य ग्रामीण अंचलों में भारी उत्साह देखा गया, जहाँ समाज के लोग अपनी मन्नतें पूरी होने की खुशी में एकत्रित हुए। पटेलिया समाज की इस मान्यता के अनुसार, श्रद्धालु लक्कड़ देवता के समक्ष अपनी मुरादें मांगते हैं और जब अगले वर्ष वह मुराद पूरी हो जाती है, तो मन्नत के फेरे लगाए जाते हैं। इस पूजा की सबसे विशिष्ट बात 20 से 30 फीट ऊंची लकड़ी की मचान होती है, जिस पर पेड़ों की छाल से बनी मजबूत रस्सियां लटकाई जाती हैं। मचान के ऊपरी हिस्से पर बैठे लोग इसे गोल चक्कर में घुमाते हैं, जिसके सहारे मन्नतधारी हवा में झूलते हुए पूरी श्रद्धा के साथ 3, 5 या 7 फेरे पूरे करते हैं। गांवों में इस आयोजन ने एक बड़े उत्सव का रूप ले लिया, जिसमें पारंपरिक गीतों और वाद्य यंत्रों की गूँज के बीच समाज के बुजुर्गों और युवाओं ने अपनी संस्कृति को जीवंत रखा। पिछली साल मांगी गई मन्नतें पूरी होने पर श्रद्धालुओं ने अटूट आस्था के साथ लक्कड़ देवता का आभार जताया। देर शाम तक चले इस कार्यक्रम में न केवल स्थानीय निवासी, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से आए रिश्तेदार भी शामिल हुए, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और उल्लास के रंग में रंगा नजर आया।