पुलिस थानों में नहीं, अब शिविरों में हो रहा समाधान

न्याय की चौखट जनता के द्वार: एसपी हितिका वासल की संवेदनशीलता ने जीता गुना का दिल

पुलिस थानों में नहीं, अब शिविरों में हो रहा समाधान
शिविर में लोगों की समस्याएं सुनती कप्तान

अनंत न्यूज़ @गुना। खाकी का रंग अक्सर सख्त और अनुशासन प्रिय माना जाता है, लेकिन जब इस खाकी के पीछे एक संवेदनशील और न्यायप्रिय मन होता है, तो वह जनता के लिए 'उम्मीद की किरण' बन जाता है। गुना जिले की कमान संभाल रही पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने अपनी इसी कार्यशैली से पुलिस और जनता के बीच की दूरी को मिटाने की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी चर्चा आज हर आम और खास की जुबान पर है। जनहित में उनके द्वारा किए जा रहे सशक्त एवं संवेदनशील प्रयास न केवल सराहनीय हैं, बल्कि आधुनिक पुलिसिंग की एक नई परिभाषा गढ़ रहे हैं।

अक्सर देखा जाता है कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें केवल फाइलों और कंप्यूटर स्क्रीन तक सीमित रह जाती हैं, लेकिन एसपी हितिका वासल ने इसे एक मिशन के रूप में लिया है। उनके विशेष निर्देशन में गुना कोतवाली क्षेत्रांतर्गत एक भव्य और विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य केवल शिकायतों का निराकरण करना नहीं था, बल्कि उन पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाना था जो लंबे समय से न्याय की आस में भटक रहे थे। शिविर के दौरान कोतवाली परिसर में जो दृश्य दिखा, वह प्रशासन के प्रति विश्वास को और मजबूत करने वाला था। बड़ी संख्या में अपनी व्यथा लेकर पहुँचे नागरिकों को यह महसूस हुआ कि अब उन्हें अपनी बात कहने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। एसपी के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों ने न केवल शिकायतें सुनीं, बल्कि कई पेचीदा मामलों का मौके पर ही निराकरण कर फरियादियों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी।

संवेदना और शक्ति का अद्भुत संगम

इस शिविर में पुलिस अधीक्षक के निदेर्शों का पालन करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मान सिंह ठाकुर, सीएसपी गुना प्रियंका मिश्रा और कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सी.पी.एस. चौहान ने सक्रिय सहभागिता की। अधिकारियों ने एक अभिभावक की तरह लोगों की समस्याओं को सुना। जिन शिकायतों का तुरंत समाधान संभव नहीं था, उनके लिए समय-सीमा निर्धारित कर संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक हितिका वासल का मानना है कि पुलिसिंग का असली चेहरा तब चमकता है जब समाज का सबसे कमजोर व्यक्ति भी निर्भीक होकर अपनी बात कह सके। शिविर के दौरान उन्होंने भावुक शब्दों में कहा, प्रत्येक नागरिक की समस्या का निराकरण हमारी प्राथमिकता है। इस प्रकार के जनसुनवाई शिविर केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं हैं, बल्कि यह पुलिस और आमजन के बीच विश्वास की उस डोरी को मजबूत करने का जरिया है जो अक्सर संवाद की कमी से कमजोर पड़ जाती है।

उम्मीदों का नया सवेरा

शिविर में उपस्थित नागरिकों ने पुलिस की इस तत्परता और सेवा भावना को 'जनहितकारी' बताया। एक पीड़ित बुजुर्ग ने नम आँखों से कहा कि जब बड़े अधिकारी स्वयं उनके पास आकर समस्या सुनते हैं, तो लगता है कि व्यवस्था अभी भी आम आदमी के साथ खड़ी है। एसपी के इस भावनात्मक जुड़ाव ने गुना पुलिस की छवि को एक 'मित्र पुलिस' के रूप में स्थापित कर दिया है। भविष्य में भी जिले के अन्य क्षेत्रों में ऐसे शिविरों के निरंतर आयोजन का संकल्प लेकर हितिका वासल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गुना पुलिस का हर सिपाही जनसेवा के लिए समर्पित है। उनके इस सशक्त नेतृत्व और जनहित के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने न केवल जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया है, बल्कि पुलिस विभाग के प्रति जनता के सम्मान को भी कई गुना बढ़ा दिया है। आज गुना जिले के लोग गर्व से कहते हैं कि उनके जिले की सुरक्षा और सम्मान अब सुरक्षित हाथों में है।