गुना में सिवनी जैसा नोटकांड! कप्तान ने बनाई एसआईटी
गुजरात के वाहन में थे एक करोड़, पुलिस द्वारा 20 लाख लेकर बाद में वापस लौटाने की है चर्चा
अनंत न्यूज़ @गुना। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में डीएसपी के नेतृत्व में हुई पुलिसिया लूट और 'बंदरबांट' के बहुचर्चित मामले की गूँज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब गुना जिले में भी वैसा ही एक सनसनीखेज मामला सामने आने की चर्चा है।
हवाला की बड़ी रकम को पकड़कर सांठगांठ करने और फिर मामला ऊपर तक पहुंचने पर राशि वापस करने की खबरों ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गुना एसपी अंकित सोनी ने तत्काल प्रभाव से एक विशेष जाँच टीम का गठन कर दिया है। चर्चा है कि पिछले दिनों गुजरात पासिंग का एक वाहन गुना जिले की सीमा से गुजर रहा था। सूत्रों के अनुसार, जिले के एक थाने की पुलिस को इस गाड़ी में बड़ी मात्रा में नगदी होने की सटीक सूचना मिली थी। बताया जा रहा है कि उक्त वाहन में करीब एक करोड़ रुपए थे। चर्चा यह भी है कि पुलिसकर्मियों ने गाड़ी को रोककर जाँच की और कथित तौर पर 20 लाख रुपए लेकर वाहन को वहां से रवाना कर दिया।
गुजरात के आईपीएस का फोन और मची खलबली
मामले में मोड़ तब आया जब इस घटनाक्रम की जानकारी कथित तौर पर गुजरात के एक आईपीएस अधिकारी तक पहुँची। बताया जा रहा है कि बड़े अधिकारी का फोन आने के बाद जिला पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई। दबाव बढ़ता देख, आनन-फानन में ली गई 20 लाख रुपए की राशि वापस की गई और उसके बाद ही गुजरात की गाड़ी को आगे जाने दिया गया। जानकारी के अनुसार, उक्त वाहन के नंबर के आखिरी चार अंक 9351 बताए जा रहे हैं, जो गुना और आसपास के जिलों के टोल नाकों पर लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुआ है।
कप्तान ने बिठाई जाँच, एसआईटी गठित
सिवनी नोटकांड की तर्ज पर गुना में सामने आए इस मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला केवल जिले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसकी गूँज भोपाल मुख्यालय तक पहुँच गई है। गुना एसपी अंकित सोनी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। उन्होंने 5 वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में एक एसआईटी गठित करने की पुष्टि की है। यह टीम अब टोल नाकों के फुटेज, मोबाइल लोकेशन और संबंधित थाना क्षेत्र के पुलिसकर्मियों की भूमिका की बारीकी से जाँच कर रही है।
पुलिस महकमे में हड़कंप
इस कथित 'नोटकांड' की चर्चा ने ईमानदार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी बेचैनी पैदा कर दी है। यदि एसआईटी की जाँच में इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो कई रसूखदार पुलिसकर्मियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। फिलहाल, पूरा महकमा एसआईटी की रिपोर्ट और एसपी के अगले कदम का इंतजार कर रहा है।