नानाखेड़ी मंडी में भुगतान को लेकर हंगामा
व्यापारियों ने बंद की नीलामी, किसानों ने लगाया जाम; एसडीएम के हस्तक्षेप से सुलझा मामला
गुना। अनंत न्यूज़
नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में शुक्रवार को नगद भुगतान और व्यापारियों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि व्यापारियों ने नीलामी बंद कर दी, जिसके विरोध में आक्रोशित किसानों ने मंडी परिसर में जाम लगा दिया। घंटों चले हंगामे के बाद प्रशासन की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और दोपहर बाद मंडी दोबारा शुरु हो सकी।
विवाद की शुरूआत तब हुई जब कुछ व्यापारियों ने बैंकों से पर्याप्त नगद राशि उपलब्ध न होने का हवाला देते हुए भुगतान करने में असमर्थता जताई। व्यापारियों का तर्क था कि एक दिन पहले यानी गुरुवार को एक फर्म पर किसानों द्वारा नगद भुगतान न मिलने के कारण विवाद किया गया था, जिससे असुरक्षा का माहौल बना। हालांकि शुक्रवार को मंडी में किसानों ने नीलामी शुरु कर दी थी, एक या दो ट्रॉली की बोली भी लगाई गई। इसके बाद व्यापारियों के बीच कुछ चर्चा हुई और नीलामी रोक दी गई। व्यापारियों के नीलामी बंद करने से मंडी में अपनी उपज लेकर आए किसान भड़क गए। किसानों का आरोप था कि व्यापारी महज दो-तीन ट्रॉलियों की नीलामी कर वापस लौट गए, जबकि नीलामी का समय दोपहर 12:30 बजे तक होता है। किसानों ने व्यापारियों के साथ किसी भी प्रकार के विवाद से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। विरोध स्वरूप किसानों ने मंडी में जाम लगा दिया, जिससे आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। सूचना मिलते ही एसडीएम शिवानी पांडे और कैंट थाना प्रभारी अनूप भार्गव दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने किसानों और व्यापारियों को मंडी कार्यालय में बुलाकर संयुक्त बैठक की, जिसमें निर्णय लिया गया कि किसानों को 50 हजार रुपए तक की राशि नगद दी जाएगी। शेष राशि व्यापारियों द्वारा 24 घंटे के भीतर आरटीजीएस के माध्यम से किसानों के खातों में जमा करनी होगी। यदि भाव को लेकर कोई विवाद होता है, तो एसडीएम स्वयं हस्तक्षेप कर माल दोबारा तुलवाएंगी। बातचीत के दौरान प्रशासन ने दोनों ही पक्षों को चेतावनी दी है कि बेवजह विवाद न किया जाए, कोई भी व्यक्ति हंगामा करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। अगर कोई समस्या है तो प्रशासन उसका समाधान करेगा।
दशहरा मैदान बना 'ट्रैक्टर दंगल': किसानों की खतरनाक स्टंटबाजी का वीडियो वायरल
शहर का दशहरा मैदान शुक्रवार दोपहर उस समय दंगल के मैदान में तब्दील हो गया, जब कृषि उपज मंडी में अपनी फसल बेचने आए किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ खतरनाक स्टंटबाजी शुरू कर दी। इस घटना का एक हैरान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसे देख लोग दांतों तले उंगली दबा रहे हैं।
दरअसल, शुक्रवार 17 अप्रैल को दोपहर करीब 1:30 बजे दशहरा मैदान में मौजूद किसानों ने अपने भारी-भरकम हॉर्सपावर वाले ट्रैक्टरों के बीच 'खींचातानी' शुरू कर दी। वीडियो में देखा जा सकता है कि दो ट्रैक्टरों को आपस में बांधकर यह आजमाया जा रहा है कि किस ट्रैक्टर के इंजन में कितनी ताकत है। इस दौरान ट्रैक्टरों के पहिए हवा में उछलते और जमीन पर रगड़ खाते नजर आए। हैरानी की बात यह है कि जिस समय यह स्टंटबाजी हो रही थी, वहाँ सैकड़ों लोगों की भीड़ मौजूद थी। पास में ही अन्य ट्रैक्टर-ट्रालियां भी खड़ी थीं। स्टंट के दौरान यदि कोई ट्रैक्टर अनियंत्रित होता या उनका खिंचाव वाला रस्सा या जंजीर टूटती, तो वहाँ मौजूद लोगों के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता था। उत्साह में भरे कुछ युवा किसान इन ट्रैक्टरों के बेहद करीब खड़े होकर वीडियो बना रहे थे, जो किसी भी बड़े हादसे को दावत दे सकता था। यह वायरल वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। कुछ लोग इसे किसानों का 'देसी दंगल' बता रहे हैं, तो कुछ इसे बेहद गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक मान रहे हैं। लोगों का कहना है कि मनोरंजन और शक्ति प्रदर्शन के नाम पर इस तरह सार्वजनिक स्थान पर भीड़ के बीच स्टंट करना प्रशासन और सुरक्षा की दृष्टि से एक गंभीर चुनौती है। फिलहाल इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर किसी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन यह वायरल वीडियो सुरक्षा इंतजामों पर सवाल जरूर खड़े कर रहा है।