आईपीएल सट्टे के दलदल में फंसते युवाओं के बीच बड़े गिरोह का पदार्फाश

धरनावदा क्षेत्र में जिला बदर और 'टीआई' गिरफ्तार

आईपीएल सट्टे के दलदल में फंसते युवाओं के बीच बड़े गिरोह का पदार्फाश
मामले का खुलासा करतीं गुना एसपी हितिका वासल।

गुना। अनंत न्यूज़

आईपीएल के सीजन में जहाँ एक ओर क्रिकेट का रोमांच चरम पर है, वहीं दूसरी ओर सट्टे का काला कारोबार युवाओं की जिंदगी और भविष्य को दीमक की तरह चाट रहा है। गुना पुलिस ने इस अवैध नेटवर्क पर एक बड़ा प्रहार करते हुए धरनावदा थाना क्षेत्र में घेराबंदी कर एक लग्जरी थार गाड़ी में बैठकर आॅनलाइन सट्टा संचालित कर रहे तीन शातिर बदमाशों को दबोच लिया है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिस मुस्तैद है, लेकिन सट्टे का यह जाल जिले के युवाओं को बबार्दी की कगार पर खड़ा कर रहा है।

शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए एसपी हितिका वासल ने बताया कि 22 अप्रैल की रात मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि नेशनल हाईवे पर 'मिडवे ट्रीट' के पास एक बिना नंबर की थार गाड़ी में कुछ लोग मोबाइल के जरिए आईपीएल मैचों पर दांव लगवा रहे हैं। सूचना मिलते ही एसपी ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया। जैसे ही पुलिस ने मौके पर घेराबंदी की, कार सवार बदमाशों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान विकास पाटिल, दिव्यांशु उर्फ नैनो और शुभम उर्फ टीआई के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी 'मास्टर आईडी' के जरिए सट्टे का संगठित नेटवर्क चला रहे थे। ये गिरोह युवाओं को यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराकर उन्हें सट्टे की लत लगा रहा था। दिलचस्प बात यह है कि पकड़ा गया एक आरोपी शुभम खुद को 'टीआई' कहलवाना पसंद करता है, जो अब शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने इस मामले में कुल 12 लोगों को नामजद किया है, जिनमें से 3 गिरफ्तार हो चुके हैं और शेष 9 की तलाश में छापेमारी जारी है।

सट्टे की लत: उजड़ रहे घर, कर्जदार हो रहे युवा

गुना जिले में आईपीएल सट्टे का यह जाल कोई नया नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में सट्टे की वजह से जिले के सैकड़ों युवा कर्ज के भारी बोझ तले दब चुके हैं। सट्टे के इस 'शॉर्टकट' के चक्कर में कई युवाओं ने अपनी पुश्तैनी जमीनें, गहने और जीवन भर की कमाई गंवा दी है। जिले में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जहाँ कर्जदारों के दबाव में आकर युवाओं ने आत्मघाती कदम तक उठाए हैं। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद सट्टा माफिया नए-नए डिजिटल तरीकों से युवाओं को लुभा रहे हैं, जिससे उनकी जिंदगी दांव पर लग गई है।

अपराधियों का काला चिट्ठा

पकड़े गए आरोपियों का इतिहास बेहद खौफनाक है। मुख्य सरगना विकास पाटिल पर मारपीट, हथियार तस्करी और हत्या के प्रयास जैसे 20 गंभीर मामले दर्ज हैं। उसे मई 2025 में जिला बदर किया गया था, लेकिन वह आदेश की धज्जियाँ उड़ाकर गुना में ही सट्टा चला रहा था। वहीं दिव्यांशु उर्फ नैनो पर भी 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इनके पास से 4 महंगे मोबाइल, बिना नंबर की थार गाड़ी और नगदी सहित कुल 24 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया है।

पुलिस की अपील: जाल में न फंसें युवा

एडिशनल एसपी मानसिंह ठाकुर और एसडीओपी राघौगढ़ दीपा डोडवे के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई में धरनावदा थाना प्रभारी रूहिल शर्मा और साइबर सेल की सराहनीय भूमिका रही। एसपी हितिका वासल ने आमजन, विशेषकर युवाओं और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे आॅनलाइन सट्टे जैसी अनैतिक गतिविधियों से दूर रहें। सट्टा न केवल आर्थिक रूप से बर्बाद करता है, बल्कि व्यक्ति को अपराध की दुनिया में भी धकेल देता है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों और युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वाले माफियाओं को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।