मरीजों को बेहतर उपचार और सुविधाएं सुनिश्चित करें: कलेक्टर

जिला चिकित्सालय की सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश

मरीजों को बेहतर उपचार और सुविधाएं सुनिश्चित करें: कलेक्टर
अस्पताल प्रबंधन से चर्चा करते हुए कलेक्टर।

गुना।अनंत न्यूज़

जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़, स्वच्छ और मरीज हितैषी बनाने के लिए कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने शुक्रवार शाम एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में अस्पताल प्रबंधन, विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं और गुणवत्ता सुधार के बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने दोटूक कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर सुविधाएं और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अस्पताल परिसर की स्वच्छता पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने मशीनों के माध्यम से नियमित और गुणवत्तापूर्ण साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्देशित किया कि अस्पताल में आने वाले 80 प्रतिशत से अधिक पात्र मरीजों का योजना के तहत पंजीयन किया जाए और उनके उपचार संबंधी क्लेम समय पर प्रस्तुत किए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने समस्त एमएलसी और पोस्टमार्टम प्रकरणों को आॅनलाइन मेडसाक्ष्य पोर्टल पर दर्ज कर सीसीटीएनएस के माध्यम से प्रेषित करने तथा लंबित मामलों का त्वरित निराकरण करने की बात कही। मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रत्येक प्रकरण की मासिक समीक्षा कर कमियों को दूर करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए। राष्ट्रीय मानक: कलेक्टर ने एनक्यूएएस, कायाकल्प और लक्ष्य जैसी राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्रक्रियाओं में सफलता हासिल करने के लिए अस्पताल प्रबंधन को सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने को कहा। उन्होंने उपलब्ध बजट का योजनाबद्ध उपयोग कर अस्पताल के सौंदर्यीकरण पर ध्यान देने की बात कही।

भोजन प्रबंधन पर चर्चा

अस्पताल में मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की प्रतिदिन जांच करने की जिम्मेदारी वार्ड प्रभारी और सहायक प्रबंधक को सौंपी गई है। शासन की गाइडलाइन के अनुसार अब खाद्य सामग्री का निर्माण मशीनों के माध्यम से किया जाएगा।

वाहन और स्टाफ पर भी दिए निर्देश

अस्पताल की सभी एम्बुलेंस और वाहनों को सतत क्रियाशील रखने तथा उनकी लॉगबुक का नियमित सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। वहीं ब्लड कलेक्शन सेंटर में आभा आईडी निर्माण और अन्य प्रक्रियाओं के लिए मरीजों को लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए वहां अतिरिक्त स्टाफ तैनात करने को कहा गया है।

क्यूआर कोड से दर्ज होगा ऑनलाइन फीडबैक

जिला चिकित्सालय में रोगी संतुष्टि और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का सटीक मूल्यांकन करने के लिए 'परख एप्लीकेशन' के माध्यम से एक विशेष फीडबैक प्रणाली विकसित की गई है। सीनियर जीआईएस एग्जीक्यूटिव पूजा कुमारी द्वारा तैयार किए गए इस सिस्टम के तहत अस्पताल में क्यूआर कोड जनरेट किए गए हैं। अब उपचार के लिए आने वाले मरीज और उनके परिजन इस क्यूआर कोड को अपने मोबाइल से स्कैन कर सरलता से आॅनलाइन फीडबैक फॉर्म भर सकेंगे।