गुना की जीवनदायिनी को मिलेगा 'नमामि गंगे' का अमृत

दिल्ली की टीम ने नापे गुनिया नदी के घाट, 100 करोड़ से संवरेगा रूप

गुना की जीवनदायिनी को मिलेगा 'नमामि गंगे' का अमृत
गुनिया नदी के पुल-पुलिया का मुआयना करते अधिकारी।

गुना।अनंत न्यूज़

शहर के बीचों-बीच बहने वाली और लंबे समय से उपेक्षा का शिकार रही गुनिया नदी के पुनर्जीवन, जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण की उम्मीदों को अब एक नई उड़ान मिली है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और जमीनी हकीकत को परखने के लिए देश की राजधानी दिल्ली से एक विशेष उच्च स्तरीय टीम गुना पहुँची। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, नई दिल्ली की प्रोजेक्ट ऑफिसर डॉ. कृति वर्मा द्वारा अपनी तकनीकी टीम के साथ नदी के पूरे बहाव क्षेत्र का अत्यंत बारीकी और विस्तृत रूप से जायजा लिया गया।

राजनैतिक और प्रशासनिक हलकों से आ रही जानकारियों के अनुसार, यदि गुना की इस जीवनदायिनी गुनिया नदी को केंद्र सरकार के 'नमामि गंगे प्रोजेक्ट' में शामिल कर लिया जाता है, तो इसे पूरी तरह रिकवर और संवारने के लिए दिल्ली से लगभग 80 से 100 करोड़ रुपये की एक भारी-भरकम राशि की स्वीकृति मिल सकती है। इस बड़े बजट की मदद से न केवल नदी का पुराना स्वरूप वापस लौटाया जा सकेगा, बल्कि इसके बहाव क्षेत्र में बीते वर्षों के दौरान किए गए अवैध अतिक्रमणों और पक्के निमार्णों को भी पूरी तरह से हटाया जा सकेगा, जिससे नदी का प्राकृतिक प्रवाह सुगम हो सके।

केंद्रीय टीम ने किया 8 प्रमुख स्थलों का सघन निरीक्षण
अपनी यात्रा के दौरान दिल्ली से आई विशेष टीम ने गुना के प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जागरूक नागरिकों के साथ मिलकर कुल 8 सबसे प्रमुख और संवेदनशील स्थानों का सघन दौरा किया। इस निरीक्षण सूची में सिंगवासा तालाब, बंदा (मुक्तिधाम कैंट के पीछे का हिस्सा), कालापाठा, बांसखेड़ी, मुंशीपुरा, बड़ा पुल, हाट रोड रपटा और शीतला माता मंदिर जैसे क्षेत्र शामिल रहे। अधिकारियों ने इन सभी बिन्दुओं पर नदी की चौड़ाई, गहराई और वहां जमा कचरे व गाद की स्थिति को नोट किया। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान नोडल आॅफिसर व एडीएम अखिलेश जैन, एसडीएम शिवानी पांडे, विहिप नेता सुरेश शर्मा, गुनिया रिकवर अभियान के सक्रिय सदस्य मुरारी शर्मा, राकेश मिश्रा, रवि शर्मा, विनीत सेठ, दीपक रजक तथा तकनीकी टीम के गिर्राज अग्रवाल सहित शहर के अनेक जागरूक और पर्यावरण प्रेमी नागरिक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

दो भागों में बंटी है कायाकल्प की महा-परियोजना
गुनिया नदी के ऐतिहासिक पुनरुद्धार के लिए जो खाका खींचा गया है, उसे मुख्य रूप से दो रणनीतिक भागों में विभाजित किया गया है। परियोजना के पहले पार्ट के तहत गुनिया नदी के दोनों किनारों पर मजबूत कंक्रीट की दीवारों (रिटेनिंग वॉल) का निर्माण किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य नदी के प्रवाह को नियंत्रित करना है ताकि बारिश के दिनों में शहर को हर साल होने वाले बाढ़ के भीषण संकट से हमेशा के लिए मुक्ति मिल सके। इन दीवारों के समानांतर दोनों तरफ 2.5 मीटर चौड़ी सुंदर सड़कें बनाई जाएंगी, जिन पर इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाई जाएंगी ताकि लोग सुबह-शाम यहाँ टहल सकें। इसके साथ ही पानी को रोकने और उसका जलस्तर बनाए रखने के लिए 5 गेटयुक्त स्टॉप डेम, आवागमन को सुगम करने के लिए 4 आधुनिक फुटब्रिज और आकर्षक घाटों का निर्माण भी इस चरण में प्रस्तावित है।

पर्यटन, बोट क्लब और राजस्व मॉडल

परियोजना के दूसरे हिस्से में इस पूरे क्षेत्र को एक आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में तब्दील करने की योजना है, जिसके तहत यहाँ एक शानदार बोट क्लब का विकास किया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट को भविष्य में आत्मनिर्भर बनाए रखने के लिए एक मजबूत आर्थिक और राजस्व मॉडल भी तैयार किया गया है। इसके तहत यहाँ आने वाले पर्यटकों से लिया जाने वाला नौकायन (बोटिंग) शुल्क, आधुनिक फूड जोन, व्यवस्थित पार्किंग और विज्ञापन अधिकारों के जरिए राजस्व जुटाया जाएगा, जिससे इसके रखरखाव का खर्च आसानी से निकल सके।

भुजरिया तालाब का 3-डी मॉडल और कूनो नदी का संरक्षण
इस विस्तृत कार्ययोजना के अंतर्गत केवल गुनिया नदी ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य जल स्रोतों के पुनरुद्धार को भी शामिल किया गया है। हाल ही में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में ऐतिहासिक भुजरिया तालाब को एक आधुनिक आकर्षण केंद्र के रूप में विकसित करने का एक शानदार 3-डी मॉडल भी प्रस्तुत किया गया था। इस योजना में तालाब के आसपास व्यवस्थित पार्किंग, प्राचीन मंदिर परिसर का भव्य विस्तार और बच्चों व परिवारों के लिए थीम आधारित ओपन एक्टिविटी स्पेस बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसी के समानांतर, कूनो नदी के पुनर्जीवन को लेकर भी जमीनी स्तर पर काम शुरू हो चुका है, जहाँ अतिक्रमण मुक्त कराए गए क्षेत्रों में व्यापक पैमाने पर वृक्षारोपण और सुंदर घाटों के निर्माण का कार्य पंचायत स्तर पर तेजी से संचालित किया जा रहा है।