ड्रोन से तलाशी, 15 जिलों की खाक छानी, करोड़ों की चोरी में शामिल दो पारदी बदमाश शिकंजे में

चक चुरेला की बहुचर्चित चोरी मामले में बड़ा खुलासा, लगभग डेढ़ करोड़ के जेवर भी बरामद

ड्रोन से तलाशी, 15 जिलों की खाक छानी, करोड़ों की चोरी में शामिल दो पारदी बदमाश शिकंजे में
वारदात का खुलासा करतीं एसपी।

गुना। दयालवाणी

जिले में हुई बहुचर्चित एवं चुनौतीपूर्ण चोरी की वारदात का गुना पुलिस ने महज 6 दिनों के भीतर सनसनीखेज पदार्फाश कर दिया है। तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक विवेचना और मजबूत मुखबिर तंत्र के बल पर पुलिस ने न सिर्फ वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह को बेनकाब किया, बल्कि 1.47 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के सोने के जेवरात बरामद कर अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

बात 02-03 अगस्त 2026 की दरमियानी रात की है, जब फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चक चुरेला निवासी बाबूलाल मीना के घर में अज्ञात बदमाशों ने धावा बोला। चोर पूरे घर में रखी भारी-भरकम तिजोरी ही उखाड़ ले गए। इस तिजोरी में करीब 2 से 2.5 किलोग्राम सोने के जेवर, 3 किलोग्राम चांदी, 11.50 लाख रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल रखी थी। घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फतेहगढ़ थाने में धारा 305(ए), 331(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। आरोपियों की पहचान होते ही गुना पुलिस की टीमों ने हवा की रफ्तार से जाल बिछाया। आरोपियों के संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों और छिपने की जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की गई। मध्यप्रदेश और राजस्थान के 15 से अधिक जिलों की खाक छानी गई। मध्य प्रदेश के गुना, शिवपुरी, विदिशा, उज्जैन, रतलाम, राजगढ़, भोपाल, इंदौर, शाजापुर, देवास, श्योपुर से लेकर पड़ोसी राज्य राजस्थान के बारां, कोटा, झालावाड़, छबड़ा और कवई तक पुलिस की विशेष टीमों ने दिन-रात एक कर दिया। फील्ड आॅपरेशन के दौरान सैकड़ों संदिग्धों से पूछताछ की गई।

न कैमरे, न सुराग: चुनौती बड़ी थी!

चोरी की यह वारदात किसी बड़े कस्बे में नहीं, बल्कि सुदूर ग्रामीण इलाके में हुई थी। घटनास्थल और आसपास के इलाकों में न तो सीसीटीवी कैमरे थे और न ही सीधे तौर पर कोई चश्मदीद। पुलिस के सामने अपराधियों तक पहुँचने की राह बेहद कठिन थी। मामले की कमान स्वयं गुना एसपी हितिका वासल ने संभाली। उन्होंने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार से मिलकर ढांढस बंधाया। एसपी ने स्पष्ट संदेश दिया कि संपत्ति संबंधी अपराधों पर पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति रहेगी। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन और एसडीओपी गुना विवेक अष्ठाना के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया।

वैज्ञानिक पड़ताल और डॉग स्क्वाड की मदद

पुलिस टीमों ने घटनास्थल को एक वैज्ञानिक प्रयोगशाला की तरह खंगाला। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वाड की मदद से बारीक से बारीक भौतिक साक्ष्य जुटाए गए। इसके साथ ही साइबर सेल ने उपलब्ध तकनीकी डेटा और टावर डंप का सूक्ष्म विश्लेषण शुरू किया। संदिग्ध आवाजाही और छोटी-छोटी जानकारियों की कड़ियों को जब आपस में जोड़ा गया, तो सुराग सीधे पारदी गिरोह की ओर इशारा करने लगे।

6वें दिन मिला बड़ा ब्रेकथ्रू: 2 गिरफ्तार, 1.47 करोड़ का सोना बरामद

लगातार 6 दिनों की अटूट मेहनत, फील्ड आॅपरेशन और सतर्कता का सुखद परिणाम 08 अगस्त 2026 को सामने आया। पुलिस टीमों ने घेराबंदी कर दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा। इनके नाम राजू पारदी (उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम कनेरा, थाना धरनावदा, गुना), गजानंद पारदी (उम्र 48 वर्ष, निवासी ग्राम कनेरा, थाना धरनावदा, गुना) बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक गहन पूछताछ में दोनों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी की बात कबूल कर ली। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 985.150 ग्राम वजन के सोने के जेवरात बरामद किए, जिनकी वर्तमान बाजार कीमत 1,47,77,250 रुपये (एक करोड़ सैंतालीस लाख सतत्तर हजार दो सौ पचास रुपए) है।

मास्टरमाइंड्स का पदार्फाश, शेष फरार आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस ने गिरोह के सभी सदस्यों को चिन्हित कर लिया है। फरार चल रहे शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इस पूरी कार्रवाई में फतेहगढ़, केंट, धरनावदा, साइबर सेल, पुलिस लाइन, राघौगढ़, बमोरी, सिरसी, विजयपुर, आरोन, कोतवाली, मधुसूदनगढ़ थाना बल एवं ऊमरी चौकी तथा एसडीओपी कार्यालय के पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने मिसाली टीमवर्क का प्रदर्शन किया। गुना पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि अपराध चाहे कितना भी पेचीदा क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से बचना नामुमकिन है।