केदारनाथ गुफा में रील बनाने वाले युवक-युवती पर एफआईआर
सोशल मीडिया के 'लाइक-फॉलोअर्स' के चक्कर में पहुंचे हवालात के मुहाने
गुना। अनंत न्यूज़
सोशल मीडिया पर रातों-रात स्टार बनने और लाइक्स-व्यूज बटोरने की चाहत अब एक युवक-युवती के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। महोदरा के जंगलों में स्थित केदारनाथ मंदिर गुफा के प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश कर रील बनाने वाले इस जोड़े पर गुना पुलिस ने कड़ा शिकंजा कसा है। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने तत्परता दिखाई और दोनों के खिलाफ म्याना थाने में नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है।
मामला 15 जुलाई को तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में एक युवक और युवती केदारनाथ मंदिर गुफा के नीचे बने सख्त प्रतिबंधित क्षेत्र में बेखौफ होकर फोटो और वीडियो बनवाते नजर आ रहे थे। प्रशासन द्वारा इस क्षेत्र में प्रवेश पूरी तरह वर्जित है, इसलिए मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी हितिका वासल ने तुरंत संज्ञान लिया और वायरल वीडियो की जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए। एसपी के निर्देश मिलते ही म्याना थाना पुलिस हरकत में आई और वीडियो के आधार पर युवक-युवती की तलाश शुरू की। पुलिस ने जल्द ही युवती की पहचान कर उसे थाने तलब किया। कड़ी पूछताछ में युवती ने कबूला कि वह 10 जुलाई को अपने साथी समक्ष साहू निवासी ग्राम बजरंगगढ़ के साथ केदारनाथ मंदिर गुफा पहुंची थी। वहां दोनों ने जमकर फोटो खींचे, रील बनाई और फिर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।
दो साल से लगा है प्रतिबंध
दरअसल, गुना कलेक्टर ने 26 जुलाई 2024 को ही एक आधिकारिक आदेश जारी कर केदारनाथ मंदिर गुफा में आमजन का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर रखा है। जांच में साफ हो गया कि दोनों ने जानबूझकर इस आदेश का उल्लंघन किया। कलेक्टर के आदेश की अवहेलना करने पर म्याना थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 223(बी) के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में ले लिया है।
व्यूज, फॉलोअर्स के लालचियों को कड़ा संदेश
इस कार्रवाई के बाद गुना पुलिस ने सोशल मीडिया के 'रिएक्शन वीरों' को कड़ी चेतावनी दी है कि पुलिस की साइबर टीम सोशल मीडिया पर 24 घंटे पैनी नजर रखे हुए है। लोकप्रियता, व्यूज या फॉलोअर्स बढ़ाने की होड़ में किसी भी प्रतिबंधित स्थल, धार्मिक परिसर, ऐतिहासिक धरोहर या संवेदनशील सरकारी दफ्तरों में बिना अनुमति वीडियो न बनाएं। ऐसे कृत्य न सिर्फ कानूनन अपराध हैं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद खतरनाक हैं। नियम तोड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।