वनभूमि में दफन मिला युवक का आधा कंकाल ,हाथों में मिले सर्जिकल ग्लब्स और बाजू पर ताबीज
5 दिन पुराने शव की खोपड़ी देख उड़े होश
गुना।अनंत न्यूज़
बमौरी थाना क्षेत्र के मूंंदोल-अकोदा-हिनोतिया रास्ते पर पड़ने वाली वन भूमि से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और स्थानीय लोगों के होश उड़ा दिए हैं। यहां घने जंगलों के बीच बने एक गड्ढे में करीब 30 वर्षीय अज्ञात युवक का शव दफन मिला है।
यह शव इतना पुराना हो चुका था कि वह आधा कंकाल में तब्दील हो चुका था और दूर से ही उसकी सफेद खोपड़ी मिट्टी से बाहर नजर आ रही थी। इस खौफनाक मंजर को देखकर पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लेकिन इस पूरी घटना में सबसे बड़ा रहस्य मृतक के शरीर पर मिले वो निशान और चीजें हैं, जो किसी गहरी साजिश या मर्डर मिस्ट्री की तरफ इशारा कर रही हैं। इस जघन्य मामले में सबसे चौंकाने वाला और हैरान कर देने वाला पहलू यह है कि मृतक युवक के दोनों हाथों में सर्जिकल ग्लब्स पहने हुए थे। कई दिनों तक मिट्टी के नीचे दफन रहने और शव के पूरी तरह सड़ जाने के बावजूद ये सर्जिकल ग्लब्स हूबहू सलामत मिले हैं। इसके साथ ही मृतक के दाहिने बाजू पर एक ताबीज और कलाई पर काला धागा भी बंधा हुआ पाया गया है। हाथों में सर्जिकल ग्लब्स का मिलना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। क्या मृतक खुद कोई डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन या मेडिकल स्टाफ का हिस्सा था? या फिर उसकी हत्या करने वाले आरोपियों ने सबूत मिटाने और अपनी उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) छिपने के धोखे में मृतक को ही ग्लब्स पहना दिए? या फिर इस खौफनाक वारदात के पीछे कोई अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र या ऐसा ही कोई और काला खेल छुपा है? इन तमाम अनसुलझे सवालों ने बमौरी पुलिस की नींद उड़ा दी है।
ग्रामीण ने देखी खोपड़ी, तब खुला दफन राज
यह पूरी घटना उस समय उजागर हुई जब एक स्थानीय ग्रामीण मूंंदोल-अकोदा-हिनोतिया रास्ते से गुजर रहा था। सड़क से करीब 200 मीटर अंदर वन भूमि की तरफ जाने पर उसे हवा में असहनीय बदबू का अहसास हुआ। जब उसने पास जाकर देखा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। वन विभाग द्वारा प्लांटेशन (पौधरोपण) के लिए खोदे गए गड्ढों में से एक गड्ढे के भीतर से एक इंसान की कंकालनुमा खोपड़ी बाहर की तरफ झांक रही थी। जंगली जानवरों या मिट्टी खिसकने की वजह से खोपड़ी का हिस्सा बाहर आ गया था। घबराए हुए ग्रामीण ने तुरंत इस बात की सूचना ग्रामीणों और स्थानीय बमौरी थाना पुलिस को दी। जंगल में इंसानी कंकाल मिलने की खबर आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
तहसीलदार और टीआई की मौजूदगी में खोदा गया गड्ढा
जंगल में शव दफन होने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अमला तुरंत हरकत में आ गया। तहसीलदार जयप्रकाश गौतम और बमौरी थाना प्रभारी दिलीप राजौरिया भारी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सावधानी से गड्ढे की मिट्टी हटवाने का काम शुरू करवाया। जैसे-जैसे मिट्टी हटती गई, वैसे-वैसे वहां मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। मिट्टी के नीचे से युवक का पूरा धड़ बाहर निकल आया। शव की हालत बेहद वीभत्स हो चुकी थी। पांच से छह दिन पुराना होने के कारण पूरे शरीर पर कीड़े पड़ चुके थे और मांस गलकर कंकाल का रूप ले रहा था। अधिकारियों ने बारीकी से घटनास्थल का निरीक्षण किया और मौके पर ही शव का पंचनामा तैयार कर उसे तत्काल पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल रवाना किया।
साक्ष्य छिपाने के लिए हत्या की आशंका, रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
मृतक की कद-काठी और शारीरिक बनावट को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसकी उम्र करीब 30 वर्ष के आसपास रही होगी। जिस तरीके से मुख्य सड़क से दूर घने जंगल के भीतर ले जाकर, वन विभाग के गड्ढे का इस्तेमाल कर शव को दफनाया गया है, उससे प्रथम दृष्टया यह साफ तौर पर हत्या का मामला नजर आ रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपियों ने युवक की किसी दूसरी जगह बेरहमी से हत्या की और फिर पकड़े जाने के डर से साक्ष्य (सबूत) छिपाने के उद्देश्य से शव को यहाँ लाकर दफन कर दिया। फिलहाल मृतक युवक की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस के लिए सबसे पहली चुनौती मृतक की पहचान करना है। इसके लिए बमौरी पुलिस ने गुना सहित आसपास के जिलों के सभी थानों से पिछले एक हफ्ते के भीतर दर्ज हुए गुमशुदगी के रिकॉर्ड और फाइलों को खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और युवक की पहचान होने के बाद ही इस अंधे कत्ल के रहस्य से पर्दा उठ सकेगा।