एफडीडीआई गुना में 12वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस आयोजित
पांच बुनकर सम्मानित, विद्यार्थियों ने रैंप वॉक से दिखाई पारंपरिक और आधुनिक फैशन की झलक
गुना। दयालवाणी
फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट गुना के 'स्कूल आॅफ फैशन डिजाइन' द्वारा परिसर में 12वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस उत्साह और गरिमापूर्ण माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत की समृद्ध हथकरघा व बुनाई विरासत का संरक्षण, बुनकरों के योगदान को सम्मान और युवाओं में पारंपरिक शिल्प के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर 'मोटिफ्स' की संस्थापक सुषमा प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ एफडीडीआई की कार्यकारी निदेशक मंजु मन, सेंटर इंचार्ज जितेंद्र गुप्ता, फैशन डिजाइन विभाग प्रमुख डॉ. प्रदीप मण्डल, फैकल्टी सदस्य, विद्यार्थी और आमंत्रित बुनकर मौजूद रहे। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में हथकरघा की समृद्ध परंपरा पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से पारंपरिक वस्त्रों को आधुनिक डिजाइन से जोड़ने का आह्वान किया। समारोह में मंच संचालन छात्रा दीक्षा व मनीषा ने किया, जबकि अरुण लोधा ने समकालीन फैशन में हथकरघा की प्रासंगिकता पर विचार रखे। लकी सेन और खुशी कुशवाह ने भी विशेष प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान भारतीय हथकरघा क्षेत्र पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें पारंपरिक बुनाई प्रक्रियाओं, बुनकरों के संघर्ष और इस क्षेत्र की संभावनाओं को दशार्या गया। आयोजन का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों का 'फैशन रैंप वॉक' रहा। छात्र-छात्राओं ने हथकरघा और पारंपरिक भारतीय वस्त्रों से प्रेरित परिधानों को पहनकर कैटवॉक किया और पारंपरिक शिल्प व आधुनिक फैशन के सुंदर समन्वय की छाप छोड़ी। समारोह के अंत में उत्कृष्ट कार्य के लिए पांच हथकरघा बुनकरों व कारीगरों को प्रमाण-पत्र और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। अंत में फैशन डिजाइन विभाग ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।