सिंधिया का दौरा खत्म होते ही गुना विधायक के तीखे बोल

'मीटिंगों में ही जाते रहें क्या? बच्चों की शादी नेता नहीं, हमें ही करानी पड़ेगी'

सिंधिया का दौरा खत्म होते ही गुना विधायक के तीखे बोल
जल गंगा संवर्धन अभियान में शामिल हुए पन्नालाल शाक्य।

गुना। अनंत न्यूज़

केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का गुना दौरा समाप्त होते ही स्थानीय सियासत में भूचाल आ गया है। अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेताओं को आड़े हाथों लेने के लिए मशहूर गुना विधानसभा से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य के एक ताजा और बेहद तल्ख बयान ने राजनैतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।

केंद्रीय मंत्री सिंधिया के दौरे और उनकी मौजूदगी में हुई 'दिशा' (जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति) की महत्वपूर्ण बैठक में गैर-हाजिर रहने पर जब सवाल उठा, तो विधायक ने दोटूक और तीखे लहजे में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या बच्चों की शादी न करें? मीटिंगों में ही जाते रहें क्या? दरअसल, गुना में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की अध्यक्षता में 'दिशा' की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें जिले के विकास कार्यों की समीक्षा होनी थी। इस हाई-प्रोफाइल बैठक से गुना विधायक पन्नालाल शाक्य नदारद रहे। जब इस संबंध में उनसे पूछा गया, तो उनका दर्द और नाराजगी साफ बाहर आ गई। विधायक ने अपनी बेबाकी दिखाते हुए कहा, "समाज में जाकर बच्चों के विवाह हमें ही कराने पड़ेंगे, कोई नेता नहीं कराता। यह स्थिति हमने 5 साल पहले भी देख ली और अभी भी देख रहे हैं।" उनके इस बयान को सीधे तौर पर बड़े नेताओं और प्रशासनिक बैठकों के तौर-तरीकों पर एक बड़े कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है।

कूनो नदी के उद्गम स्थल पर पहुंचे विधायक, बोले- 'भोपाल का आदेश था'

यह दिलचस्प विरोधाभास तब और गहरा गया जब यह देखा गया कि जिस 'जल गंगा संवर्धन अभियान' का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया था, उसी अभियान के समापन अवसर पर विधायक पन्नालाल शाक्य गुना जिले में कूनो नदी के उद्गम स्थल पर पहुँचे थे। जब उनसे कार्यक्रम में आने को लेकर बात की गई, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विशेष तौर पर भोपाल (संगठन/उच्च नेतृत्व) से आदेश मिला था, और इसी आदेश के पालन में वे यहाँ उपस्थित हुए हैं।