गुना में भी एलपीजी आपूर्ति पर संकट के बादल
कलेक्टर ने होटल संचालकों से कहा- अब डीजल भट्टी और कोयले का करें इस्तेमाल
अनंत न्यूज़ @गुना। जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर गहराते संकट के बीच प्रशासन ने सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई आपात बैठक में गैस की कमी को लेकर चिंता जताई गई। बैठक में आॅयल कंपनियों के प्रतिनिधियों, गैस एजेंसी संचालकों और होटल व्यवसायियों की उपस्थिति में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि घरेलू उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अब वैकल्पिक ईंधन की ओर मुड़ना होगा। गैस की आपूर्ति सीमित होने के कारण कलेक्टर ने जिले के सभी होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे एलपीजी के स्थान पर डीजल भट्टी, कोयला, गोबर गैस या विद्युत उपकरणों जैसे इंडक्शन और हीटर का उपयोग करें। उन्होंने विशेष रूप से अपील की कि होटल संचालक घरेलू उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गैस का उपभोग कम करें, ताकि आम नागरिकों को रसोई गैस की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन का यह रुख साफ संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में व्यावसायिक गैस की किल्लत और बढ़ सकती है।
रिफिल बुकिंग के नियमों में सख्ती
आपूर्ति व्यवस्था डगमगाने के कारण अब नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब कोई भी उपभोक्ता अपनी पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही अगले सिलेंडर की बुकिंग कर सकेगा। इस कड़े प्रावधान का मुख्य उद्देश्य एलपीजी की संभावित जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगाम लगाना है। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि वर्तमान में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के प्रदाय को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, जो व्यवसायियों के लिए बड़ी चिंता का विषय है।
कालाबाजारी पर रहेगी पैनी नजर
जिला आपूर्ति अधिकारी अवधेश पांडेय की मौजूदगी में कलेक्टर ने चेतावनी दी कि गैस की कमी का फायदा उठाकर यदि कहीं भी जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायत मिली, तो संबंधित के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, प्रशासन ने दावा किया है कि घरेलू गैस की वर्तमान में पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन जिस तरह से व्यावसायिक सप्लाई रोकी गई है और बुकिंग के नियम कड़े किए गए हैं, उससे आम जनता में भविष्य की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।