कंपनियां टैगिंग के नाम पर थमा देती हैं अनावश्यक उत्पाद
खाद-बीज विक्रेताओं की एक दिनी हड़ताल, एसडीएम को दिया ज्ञापन
गुना। खाद, बीज एवं कृषि दवाई विक्रेता संघ के बैनर तले गुना के कृषि व्यापारियों ने सोमवार को अपनी मांगों के समर्थन में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल रखी। इस दौरान जिले भर की खाद-बीज की दुकानें बंद रहीं। इसके बाद व्यापारियों ने लामबंद होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम 20 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
विक्रेताओं ने प्रमुखता से उर्वरक निर्माता कंपनियों द्वारा की जा रही टैगिंग का मुद्दा उठाया। ज्ञापन में बताया गया कि कंपनियां खाद की बोरियों के साथ अन्य अनावश्यक केमिकल और उत्पाद जबरन थोप देती हैं। इन अतिरिक्त उत्पादों को किसानों को बेचने के चक्कर में विक्रेताओं और किसानों के बीच अक्सर विवाद और बहस की स्थिति निर्मित होती है। संघ ने मांग की है कि खाद के साथ अन्य उत्पादों की इस अनिवार्य टैगिंग को तत्काल बंद किया जाए। ज्ञापन में विक्रेताओं ने ई-टोकन प्रणाली को समाप्त करने और खाद की उपलब्धता सीधे दुकानों पर सुनिश्चित करने की मांग रखी। विक्रेताओं ने आर्थिक पक्ष रखते हुए बताया कि वर्तमान में 1900 की खाद की बोरी पर डीलर को मात्र 20 का कमीशन मिलता है, जो बहुत कम है। इसे बढ़ाने की पुरजोर मांग की गई है। कृषि व्यापारियों का कहना है कि बीज या खाद का सैंपल फेल होने पर विभाग द्वारा सीधे विक्रेताओं पर कार्रवाई की जाती है, जबकि गुणवत्ता की जिम्मेदारी निमार्ता कंपनी की होती है। संघ ने मांग की है कि ऐसी स्थिति में केवल निमार्ता कंपनी को ही जिम्मेदार ठहराया जाए और उन पर कठोर कार्रवाई हो। इस ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यदि सरकार इन समस्याओं पर गंभीरता से निर्णय नहीं लेती है, तो भविष्य में स्थाई हड़ताल की जाएगी। विक्रेताओं ने चेतावनी दी है कि ऐसी स्थिति में किसानों को होने वाली परेशानी की पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।