17 लाख की सनसनीखेज लूट का 18 घंटे में पदार्फाश:भोपाल से सिरोंज तक दौड़ी पुलिस, अपराधियों का नहीं चला कोई हथकंडा
मोबाइल बंद किया ताकि लोकेशन न मिले, चकमा देने के लिए पहले भोपाल और बाद में गुना की तरफ भागे थे बदमाश
गुना। अनंत न्यूज़
शहर के निचला बाजार इलाके में धनिया व्यापारी एजेंट वासुदेव शर्मा से हुई 17 लाख रुपए की सनसनीखेज लूट के मामले में गुना पुलिस ने महज 18 घंटों के भीतर बड़ी सफलता हासिल की है। इस हाईप्रोफाइल मामले में पुलिस ने दो मुख्य लुटेरों सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित मुनीम के मकान में रहने वाला किराएदार ही था, जिसने पैसों की लालच में मुखबिरी की थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए लूटी गई राशि में से 16 लाख 77 हजार 100 रुपए बरामद कर लिए हैं। दरअसल, चौधरी मोहल्ला में जिस मकान में पीड़ित वासुदेव शर्मा किराए से रहते थे, उसी मकान में आरोपी विजय यादव भी किराएदार था। विजय को पता था कि वासुदेव 8 जुलाई को राजगढ़ जिले के पचोर में धनिया बेचकर 17 लाख रुपए की मोटी रकम लेकर आने वाले हैं। विजय लगातार वासुदेव की रेकी कर रहा था और पल-पल की खबर अपने साथियों को दे रहा था। घटना के वक्त भी विजय के मोबाइल पर लगातार कॉल आ रहे थे।
सीसीटीवी में कैद हुए चेहरे, तो पुलिस को चकमा देने के लिए बदला रूट
वारदात को तीन शातिर युवकों-राघव शर्मा, सौरभ यादव और रुद्र गोस्वामी ने अंजाम दिया था। लूट के बाद आरोपियों के फोटो सीसीटीवी में कैद हो गए और सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। पहचान उजागर होते ही आरोपियों ने अपने मोबाइल बंद कर लिए। वे अपने दोस्त राहुल जाटव की कार से 50 हजार रुपए देकर भोपाल की तरफ भाग गए। लेकिन जब उन्हें लगा कि पुलिस भोपाल में जाल बिछा चुकी है, तो वे चकमा देने के लिए वापस लौटे और गुना के पड़ोसी क्षेत्र सिरोंज की तरफ बढ़ गए। हालांकि, मुस्तैद पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें रास्ते में ही दबोच लिया।
तीन टीमों का कड़ा प्रयास, एसपी ने थपथपाई पीठ
चूंकि मामला बेहद बड़ा था और पूरे जिले की निगाहें इस पर टिकी थीं, इसलिए एसपी हितिका वासल के निर्देश पर एएसपी और सीएसपी के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गईं। इसमें आरोन, मधुसूदनगढ़, कोतवाली, कैंट और साइबर टीम ने मिलकर संयुक्त रूप से काम किया। पुलिस ने मुख्य आरोपी राघव शर्मा, सौरभ यादव, मददगार कार चालक राहुल जाटव और मास्टरमाइंड किराएदार विजय यादव को गिरफ्तार कर लिया है। तीसरे आरोपी रुद्र गोस्वामी की तलाश जारी है। पकड़े गए आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है; सौरभ यादव पर जुआ, मारपीट और पॉक्सो एक्ट के मामले दर्ज हैं। शानदार टीम वर्क के लिए एसपी ने सभी टीमों की सराहना की है।
पैर में लगे थे टांके और लूट कर रहा था राघव
इस सनसनीखेज आपराधिक घटनाक्रम में शामिल एक आरोपी राघव शर्मा के बारे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि राघव शर्मा का कुछ दिनों पहले एक्सीडेंट हुआ था। इसके बाद एक आॅपरेशन कराया था। लेकिन ठीक होने से पहले ही उसने इतनी बड़ी वारदात में शामिल होने पर सहमति दे दी। पुलिस ने गुरुवार तड़के जब राघव को सिरोंज के जंगल से दबोचा तब भी उसके पैर में टांके लगे हुए थे। यह देखकर पुलिस भी दंग रह गई।
पूरे शहर में थी उत्सुकता, आईजी ने घोषित किया था इनाम
इस मामले की चर्चा गुना गुना शहर सहित पूरे जिले में हो रही थी। शहर के एक व्यस्ततम क्षेत्र में इतनी बड़ी वारदात के बाद लोग गुस्से में थे। खास बात यह है कि आरोपियों ने ऐसे इलाके को चुना था जो सीसीटीवी कैमरों से लैस था। चप्पे-चप्पे पर कैमरे लगे हुए थे। फिर भी बदमाशों ने इतनी बड़ी हिमाकत कर डाली। जब लूट को अंजाम देने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी की खबर आई तो लोगों ने राहत की सांस ली। पुलिस के लिए भी यह मामला बेहद चुनौती भरा था। बुधवार को गुना शहर के दौरे पर आए आए आईजी अरविंद सक्सेना ने इस मामले के आरोपियों को पकड़ने में मदद करने वालों को 30 हजार रुपए देने का ऐलान किया था। इसके बाद एसपी हितिका वासल ने पूरी पुलिस फोर्स को आरोपियों को पकड़ने के लिए झोंक दिया।
सीसीटीवी कंट्रोल रूम बना हब
घटनाक्रम के बाद एक तरफ पुलिस मैदानी स्तर पर आरोपियों को पकड़ने की भरसक कोशिश कर रही थी। आरोन, मधुसूदनगढ़ सहित तमाम पुलिस थानों की टीमें तीनों बदमाशों हर हाल में झपटना चाहती थीं। वहीं दूसरी ओर एसपी कार्यालय परिसर में ही बना सीसीटीवी कंट्रोल रूम एक ऐसा हब बन गया था जो बदमाशों को ट्रैक करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहा था। दरअसल, आरोपियों द्वारा अपने मोबाइल बंद कर लिए थे और पुलिस को गुमराह करने के लिए अपनी कार से यहां-वहां भाग रहे थे। लेकिन पुलिस की घेराबंदी को भेदने में नाकामी रहे।