सिंधिया के ग्वालियर रियासत वाले प्रस्ताव पर राजनीति तेज, विधायक पन्नालाल शाक्य ने 'अपनों' पर ही साधा निशाना
सिंधिया ने शिविर में दिव्यांगजनों को बांटी ट्राइसाइकिल व किट
अनंत न्यूज़ @गुना। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के तीन दिवसीय गुना दौरे के दौरान शनिवार को आयोजित सामाजिक अधिकारिता शिविर सियासी चर्चाओं का केंद्र बन गया। कार्यक्रम में गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने एक बड़ा बयान देते हुए आरोप लगाया कि आजादी के बाद सिंधिया परिवार द्वारा ग्वालियर को राजधानी बनाने के बदले पंचवर्षीय योजना का पूरा खर्च उठाने का प्रस्ताव दिया गया था, जिसे षड्यंत्रपूर्वक 'कटिंग' कर रोक दिया गया ताकि सिंधिया परिवार का नाम न हो सके।
मंच से अपने चुटीले और बेबाक अंदाज के लिए मशहूर विधायक पन्नालाल शाक्य ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि ग्वालियर को राजधानी बनाने की शर्त पर सिंधिया स्टेट पूरी पंचवर्षीय योजना की राशि देने को तैयार था। उन्होंने कड़वे शब्दों में कहा, "तब से ही कटिंग चालू हुई ताकि सिंधिया जी का नाम न हो पाए और दुर्भाग्य की बात है कि आज भी कुछ लोग अंदर ही अंदर यह कटिंग कर रहे हैं।" विधायक का यह इशारा सीधे तौर पर उन विरोधियों की ओर था जो विकास कार्यों और श्रेय की राजनीति में बाधा उत्पन्न करते हैं। अम्बेडकर चौराहा स्थित जलसा गार्डन में आयोजित इस शिविर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 1,942 लाभार्थियों को सहायक उपकरण वितरित किए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि 'दिव्यांग' शब्द ने इस वर्ग को समानता और गरिमा का अधिकार दिया है। सिंधिया ने कहा, विकलांग शब्द नकारात्मक है, इसे शब्दकोश से ही मिटा देना चाहिए। केंद्र सरकार ने अब तक 31 लाख दिव्यांगजनों को उपकरण देकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है। कार्यक्रम के दौरान राजस्थान से आए नन्हे कलाकार 'संस्कार' की प्रस्तुति ने सिंधिया को भावुक कर दिया और उन्होंने इस बाल कलाकार का जमकर उत्साहवर्धन किया। सुरक्षा का संदेश देते हुए सिंधिया ने महिला दिव्यांगों को हेलमेट वितरित किए और उनसे अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने की भावुक अपील भी की। इस मौके पर विधायक पन्नालाल शाक्य ने दिव्यांगों को प्रोत्साहित करते हुए यह भी कहा कि सरकार ने उपकरण इसलिए नहीं दिए हैं कि कोई मंदिर के बाहर हाथ फैलाए, बल्कि इसलिए दिए हैं ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज हित में योगदान दें। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए बताया कि जन्म के समय उनकी जीभ भी जुड़ी हुई थी, लेकिन इच्छाशक्ति से सब संभव है।
वैश्विक संकट में भी राजनीतिक रोटियां सेंक रही है कांग्रेस: सिंधिया
गुना जिले के बजरंगगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री और गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वैश्विक संकट और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर बड़ा बयान दिया है। ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और 'स्टेट आॅफ हॉर्मुज' के संकट पर बोलते हुए सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीति की सराहना की और कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति पर तीखा हमला बोला। सिंधिया ने वैश्विक संकट का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान और इजरायल के बीच युद्ध जैसी स्थिति के कारण 'स्टेट आॅफ हॉर्मुज' बाधित हुआ है, जिससे दुनिया भर की सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। सिंधिया ने दावा किया, "यह प्रधानमंत्री मोदी की सफल कूटनीति का ही कमाल है कि जहां ईरान ने दुनिया भर के देशों के लिए हॉर्मुज का रास्ता बंद किया है, वहीं भारत के लिए यह रास्ता खुला रखा गया है। उन्होंने पेट्रोलियम मंत्री के हवाले से देश में र्इंधन की उपलब्धता को लेकर जनता को आश्वस्त भी किया। वैश्विक संकट के समय विपक्षी दलों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सिंधिया ने कहा कि जब 140 करोड़ जनता और सभी दल एक साथ खड़े होने चाहिए, तब कांग्रेस इस पर 'राजनीतिक रोटियां' सेंक रही है। सिंधिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सोच हमेशा से नकारात्मक रही है। कांग्रेस देश को नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ती। न्यायालय और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर संदेह करना कांग्रेस की आदत बन गई है। केंद्रीय मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि कांग्रेस देश को खंडित करने की कोशिशों में लगी रहती है, लेकिन देश की जनता ने उन्हें बार-बार करारा जवाब दिया है। सिंधिया के अनुसार, संकट के समय में भी कांग्रेस की प्राथमिकता देश का हित न होकर केवल अपनी राजनीतिक जमीन तलाशना है।