बिजली कर्मचारी महासंघ ने भरी हुंकार
12 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन का शंखनाद, छा सकता है अंधकार
अनंत न्यूज़ @गुना। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध बिजली कर्मचारी महासंघ ने विद्युत कर्मियों की जायज मांगों का निराकरण न होने पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लंबे समय तक लिखित और मौखिक निवेदनों के बाद भी सुनवाई न होने से क्षुब्ध होकर संगठन ने प्रदेश स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। महासंघ द्वारा अपनी 12 सूत्री मांगों को लेकर शुरू किए गए इस विरोध प्रदर्शन से आने वाले दिनों में प्रदेश की बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है, जिससे राज्य में अंधकार छाने का खतरा मंडरा रहा है।
संगठन की प्रमुख मांगों में संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, नियमित कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करना और वन टाइम गृह जिला स्थानांतरण नीति लागू करना शामिल है। साथ ही आउटसोर्स श्रमिकों के लिए हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश की तर्ज पर निगम मंडल की स्थापना, विद्युत पेंशनरों को राज्य कर्मचारियों की तरह कोषालय के माध्यम से पेंशन भुगतान और मंडल के समय से नियुक्त मीटर रीडरों के संविलियन जैसी महत्वपूर्ण मांगें भी उठाई गई हैं। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा प्राप्त कर्मचारियों और अधिकारियों सहित सभी वर्गों की समस्याओं को ज्ञापन में प्रमुखता से रखा गया है। मांगें पूरी न होने की स्थिति में संगठन ने तीन चरणों में आंदोलन की घोषणा की है। प्रथम चरण के तहत 16 मार्च 2026 को प्रदेश के प्रत्येक जिला स्तर पर ऊर्जा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद द्वितीय चरण में 2 अप्रैल 2026 को प्रदेश के सभी जिला एवं कंपनी मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा। अंतिम और तृतीय चरण में प्रदेश की राजधानी भोपाल में विशाल धरने के बाद रैली निकालकर ऊर्जा मंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। गुना में ज्ञापन सौंपने के दौरान भारतीय मजदूर संघ के विभाग प्रमुख धर्म स्वरूप भार्गव, सहविभाग प्रमुख सोनपाल यादव, जिला मंत्री दीपक गुप्ता और बिजली कर्मचारी महासंघ के जिला संगठन मंत्री आरसी झा सहित क्षेत्रीय सचिव राममोहन शर्मा, जिला अध्यक्ष राजेंद्र यादव, वृत्त सचिव महेंद्र शर्मा और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।