बमोरी के जैतपुरा में विकास के दावों की खुली पोल
कीचड़ के दलदल से गुजरकर स्कूल जाने को मजबूर नौनिहाल
गुना। अनंत न्यूज़
एक तरफ जहां सरकार द्वारा ग्रामीण अंचलों में सड़कों का जाल बिछाकर विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं गुना जिले की बमोरी विधानसभा से आई एक जमीनी तस्वीर इन दावों की पूरी तरह पोल खोलती नजर आ रही है। बमोरी क्षेत्र के ग्राम पंचायत जौहरी के अंतर्गत आने वाला एक छोटा सा गांव है जैतपुरा, जो आज के आधुनिक दौर में भी विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है। यह गांव आजादी के दशकों बाद भी आज सिर्फ एक अदद पक्की सड़क के लिए तरस रहा है।
मानसून और बरसात की शुरूआत होते ही इस गांव की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती हैं। गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला एकमात्र रास्ता देखते ही देखते भारी कीचड़ और पानी के गहरे दलदल में तब्दील हो जाता है। इस बदहाली का सबसे दर्दनाक और चिंताजनक पहलू यह है कि देश का भविष्य कहे जाने वाले छोटे-छोटे मासूम बच्चे जब हर सुबह सरकारी स्कूल और आंगनवाड़ी के लिए निकलते हैं, तो वे इसी कीचड़ भरे रास्ते में गिरते-पड़ते और गंदे कपड़ों में जाने को मजबूर हैं। स्कूली बच्चों के साथ-साथ बुजुर्गों के लिए भी यह रास्ता किसी बड़ी सजा से कम नहीं है, जहां पैदल चलना भी दूभर है। वहीं, आए दिन बाइक सवार इस दलदल में अनियंत्रित होकर फिसल रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं।