खरीदी केंद्र पर किसानों से अवैध वसूली!
किसान ने वीडियो वायरल कर किया दावा, प्रशासन से संज्ञान लेने की मांग
गुना।अनंत न्यूज़
एक ओर सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें बिचौलियों से मुक्त कराने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर गुना जिले के सरकारी खरीदी केंद्रों पर अन्नदाता को अपनी ही फसल बेचने के लिए 'रिश्वत' देनी पड़ रही है। ताजा मामला सेवा सहकारी समिति मर्यादित पगारा के अंतर्गत बिलोनिया वेयरहाउस का है, जहाँ एक सर्वेयर द्वारा उपज पास करने के बदले अवैध वसूली का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
इस भ्रष्टाचार का पदार्फाश किसी अधिकारी ने नहीं, बल्कि एक पीड़ित किसान ने स्वयं वीडियो बनाकर किया है, जिसने अब प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। ग्राम पूनमखेड़ी के निवासी किसान सुरेंद्र धाकड़ अपनी चना और मटर की उपज लेकर समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए बिलोनिया वेयरहाउस पहुँचे थे। किसान का आरोप है कि वहां तैनात सर्वेयर ने उसकी उपज को पास करने (क्वालिटी चेक में ओके करने) के एवज में 2000 की मांग की। किसान के अनुसार, काफी मिन्नतों के बाद उसने पहली किस्त के रूप में 700 सर्वेयर को दिए। इसके बाद उसकी दो अन्य ट्रॉलियों को भी तुलवाने के नाम पर अलग से अवैध राशि की वसूली की गई। किसान का दावा है कि उसने 24 और 25 अप्रैल को अलग-अलग किस्तों में यह राशि दी, जिसके बाद ही उसकी फसल की तुलाई संभव हो सकी। फिलहाल, इस वीडियो के वायरल होने के बाद अब सबकी नजरें जिला प्रशासन की कार्यवाही पर टिकी हैं। यदि समय रहते ऐसे भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगाई गई, तो सरकारी खरीदी केंद्रों पर किसानों का विश्वास पूरी तरह से डगमगा जाएगा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ 'रिश्वत' का वीडियो
भ्रष्टाचार से परेशान किसान सुरेंद्र धाकड़ ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो चोरी-छिपे रिकॉर्ड कर लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति किसान से नोट ले रहा है और उन्हें अपनी जेब के हवाले कर रहा है। किसान ने वीडियो के माध्यम से जिला प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा है कि वहां मौजूद लगभग हर किसान से इसी तरह की वसूली की जा रही है और जो पैसे नहीं देता, उसकी उपज में कमियां निकालकर उसे परेशान किया जाता है।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए गंभीर सवाल
खरीदी केंद्र पर खुलेआम चल रहे इस 'कमीशन' के खेल ने जिला प्रशासन और नागरिक आपूर्ति विभाग की मॉनिटरिंग पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। किसानों का कहना है कि एक तरफ वे भीषण गर्मी में अपनी उपज बेचने के लिए कतारों में लगे हैं, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार कर्मचारी उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर जेबें गर्म कर रहे हैं।
कलेक्टर और एसपी से एफआईआर की मांग
पीड़ित किसान सुरेंद्र धाकड़ ने अब कलेक्टर और एसपी गुना से गुहार लगाई है कि वीडियो के आधार पर आरोपी सर्वेयर के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए। किसान ने यह भी कहा है कि यदि अन्य किसान भी आगे आते हैं, तो वह स्वयं कलेक्ट्रेट जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराने को तैयार है। किसानों की मांग है कि न केवल दोषी कर्मचारी को बर्खास्त किया जाए, बल्कि किसानों से लूटी गई राशि भी वापस दिलाई जाए।