चौपना जंगल में आधी रात को 'सर्जिकल स्ट्राइक'
भोपाल के शिकारियों ने इंदौर की कार से किया शिकार, वन विभाग ने घेराबंदी कर दबोचा
गुना। अनंत न्यूज़
बीनागंज वन परिक्षेत्र इलाके के चौपना जंगलों में वन्य जीवों का शिकार करने आए भोपाल के पांच शिकारियों को वन विभाग की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। शिकारी बेहद शातिर थे, पहचान छिपाने के लिए वे इंदौर रजिस्टर्ड कार का इस्तेमाल कर रहे थे और उनके पास अत्याधुनिक रायफल मौजूद थी। लेकिन वन विभाग के मुखबिर तंत्र के आगे उनकी हर चाल फेल हो गई।
दरअसल, बीते 3 अप्रैल को शिकार का एक मामला सामने आने के बाद से ही वन विभाग की टीमें अलर्ट पर थीं। वहीं गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 2:30 बजे मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि चौपना के जंगल में कुछ शिकारी दाखिल हुए हैं। सूचना मिलते ही बीनागंज रेंजर सौरभ द्विवेदी ने अपनी टीम के साथ मोर्चा संभाला और जंगल के रास्तों की घेराबंदी कर दी। तलाशी के दौरान टीम को एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार आती दिखाई दी। वन विभाग ने जैसे ही कार को रुकवाकर उसकी तलाशी ली, अंदर का नजारा देखकर अधिकारी दंग रह गए। कार के भीतर एक नीलगाय और एक भेड़की का शव पड़ा हुआ था। आरोपियों के कब्जे से एक रायफल, दो खाली कारतूस और 7 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पकड़े गए पांचों आरोपी भोपाल के रहने वाले बताए जा रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि शिकार के लिए इस्तेमाल की गई कार इंदौर में रजिस्टर्ड है। माना जा रहा है कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से इस वाहन का चुनाव किया ताकि स्थानीय पुलिस या वन अमले को उन पर शक न हो। वन विभाग ने पकड़े गए पांचों शिकारियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की धारा 9 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि ये शिकारी पहले भी कितनी बार इस क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं और इनके तार किसी बड़े तस्कर गिरोह से तो नहीं जुड़े हैं।