स्पाइस पार्क और सीमेंट फैक्ट्री की राह होगी आसान

51 करोड़ की ओवरब्रिज परियोजना को गति देने के निर्देश

स्पाइस पार्क और सीमेंट फैक्ट्री की राह होगी आसान
प्लान का जायजा लेते कलेक्टर

गुना।अनंत न्यूज़

गुना-अशोकनगर-ईसागढ़ मार्ग पर पंचमुखी हनुमान मंदिर के समीप और मावन के पास निमार्णाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने शुक्रवार को स्थल पर पहुँचकर जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन एवं संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि परियोजना में आने वाली सभी बाधाओं को समय रहते दूर कर कार्य को निर्धारित समय-सीमा में हर हाल में पूरा किया जाए।
कलेक्टर ने दोनों निमार्णाधीन आरओबी के फाउंडेशन, सब-स्ट्रक्चर एवं सुपर-स्ट्रक्चर का बारीकी से तकनीकी निरीक्षण किया। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी बड़े निर्माण की सफलता बेहतर योजना, विभागीय समन्वय और सतत मॉनिटरिंग पर टिकी होती है। कलेक्टर ने एप्रोच रोड में इस्तेमाल हो रहे फिलर मटेरियल की गुणवत्ता भी जांची और निर्देश दिए कि बारिश के समय जलभराव न हो, इसके लिए मजबूत और प्रभावी ड्रेनेज व्यवस्था तैयार की जाए।

मशीनरी रखें तैयार, रेलवे ब्लॉक का मिले पूरा फायदा
बिजली की लाइनों और अन्य उपयोगिताओं की शिफ्टिंग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेलवे से जब भी कार्य के लिए ब्लॉक मिले, उससे पहले ही आवश्यक स्टाफ और मशीनरी मौके पर मुस्तैद रखी जाए ताकि उपलब्ध समय का एक-एक मिनट निर्माण में इस्तेमाल हो सके और काम की गति न थमे।

पिलर बनेंगे शहर की पहचान, ट्रैफिक की सुलभता से खुलेगी तरक्की की राह
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने एक अनूठा सुझाव देते हुए कहा कि तकनीकी रूप से संभव होने पर आरओबी के पिलरों को सौंदर्यपरक और आकर्षक डिजाइन से सजाया जाए, जिससे यह सार्वजनिक निर्माण शहर की सुंदरता और पहचान को नया आयाम दे सके। गौरतलब है कि गुना-अशोकनगर मार्ग पर पंचमुखी मंदिर के पास 30.42 करोड़ रुपये की लागत से आरओबी का निर्माण चल रहा है, जिसका 38.3 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। वहीं मावन के पास 20.64 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे दूसरे आरओबी का 34.7 प्रतिशत निर्माण पूर्ण हो चुका है। इन दोनों ओवरब्रिज के चालू हो जाने से गुना से अशोकनगर के बीच भारी वाहनों का आवागमन सुगम होगा और स्पाइस पार्क तथा सीमेंट फैक्ट्री जाने-आने वाले वाहनों को बड़ी राहत मिलेगी।