महायुद्ध की आंच अब आम आदमी की रसोई तक ! गुना में गहराया एलपीजी संकट, गैस सिलेंडर के लिए मची हाहाकार

मोबाइल से नहीं लग पा रहे नंबर, एजेंसियों के दफ्तर में उपभोक्ताओं का हुजूम, प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

महायुद्ध की आंच अब आम आदमी की रसोई तक ! गुना में गहराया एलपीजी संकट, गैस सिलेंडर के लिए मची हाहाकार
नयापुरा स्थित एक गोदाम के परिसर में रखे गैस सिलेंडर।

अनंत न्यूज़ @गुना। वैश्विक स्तर पर छिड़े इजराइल-ईरान युद्ध का सीधा और भयावह असर अब भारत के घरेलू बाजारों और आम आदमी की बुनियादी जरूरतों पर पड़ना शुरू हो गया है। पेट्रोलियम पदार्थों की वैश्विक आपूर्ति शृंखला बाधित होने के कारण रसोई गैस (एलपीजी) का संकट गहरा गया है।

गुना जिले में स्थिति यह है कि कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल द्वारा दी गई चेतावनी के महज 24 घंटे के भीतर ही गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। पूरे शहर में रसोई चूल्हे बुझने की चिंता की लहर दौड़ गई है और प्रशासन फिलहाल इस स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट करने में असमर्थ नजर आ रहा है। केंद्रीय स्तर से मिले निर्देशों का ही पालन किया जा रहा है। एलपीजी संकट की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सरकार ने गैस सिलेंडर रिफिल कराने की समय-सीमा में बड़ा बदलाव कर दिया है। पहले जहाँ उपभोक्ता 21 दिनों के अंतराल पर अपने अगले सिलेंडर की बुकिंग कर सकते थे, अब उस अवधि को बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। समय-सीमा में इस इजाफे ने मध्यमवर्गीय परिवारों के गणित को बिगाड़ कर रख दिया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि एक तरफ महंगाई चरम पर है, वहीं दूसरी ओर अब समय पर ईंधन न मिलने से रोजमर्रा का जीवन अस्त-व्यस्त हो जाएगा।

तकनीकी विफलता और 'नंबर' न लगने से फैला हड़कंप

सबसे बड़ी समस्या तब खड़ी हुई जब उपभोक्ताओं ने नए नियमों के तहत आॅनलाइन बुकिंग करने का प्रयास किया। जिलेभर से यह शिकायतें आ रही हैं कि संबंधित पेट्रोलियम कंपनियों के आधिकारिक बुकिंग नंबर या तो लगातार 'बिजी' बता रहे हैं या फिर कॉल कनेक्ट ही नहीं हो पा रही है। मोबाइल ऐप और आईवीआरएस सिस्टम ठप होने की वजह से आम जनता में हड़कंप मच गया है। परेशान उपभोक्ता जब सीधे गैस एजेंसियों के दफ्तरों का रुख कर रहे हैं, तो वहां से भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि वे अपने स्तर पर मैन्युअल बुकिंग नहीं ले सकते और उपभोक्ताओं को अनिवार्य रूप से कंपनी के निर्धारित नंबरों से ही बुकिंग करनी होगी। इस 'डिजिटल विफलता' ने संकट को और ज्यादा गंभीर बना दिया है, जिससे आम आदमी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।

होटल और रेस्टोरेंट संचालकों में मची अफरा-तफरी

रसोई गैस की इस किल्लत ने व्यापारिक जगत, विशेषकर होटल और रेस्टोरेंट कारोबार को सबसे ज्यादा चोट पहुँचाई है। कलेक्टर द्वारा एक दिन पहले दी गई 'वैकल्पिक ईंधन' (जैसे डीजल भट्टी या कोयला) इस्तेमाल करने की सलाह के बाद रेस्टोरेंट संचालक अब डीजल भट्टियों की तलाश में भटक रहे हैं। विडंबना यह है कि युद्ध की परिस्थितियों के कारण सप्लायर समय पर नई डीजल भट्टियां पहुंचाने में असमर्थता जता रहे हैं। संचालकों का दावा है कि यदि अगले कुछ दिनों में स्थिति नहीं सुधरी, तो उन्हें अपने संस्थान बंद करने पड़ सकते हैं, जिससे शहर की खान-पान व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी।

प्रशासन ने जारी किए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर

उधर, जिला प्रशासन ने कहा है कि वर्तमान में इजराइल-ईरान युद्ध के चलते पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति को लेकर फैली अनिश्चितता और गैस सिलेंडर की बुकिंग अवधि में हुए बदलाव के बीच भारत सरकार ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाए हैं। यदि कोई गैस डीलर सिलेंडर देने में अनावश्यक देरी करता है, कृत्रिम कमी बताकर कालाबाजारी करता है या निर्धारित एमआरपी से अधिक पैसों की मांग करता है, तो उपभोक्ता अब सीधे संबंधित कंपनी के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबरों पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता अपनी संबंधित कंपनी के अनुसार नंबरों का उपयोग कर सकते हैं-

इंडेन गैस: यदि डीलर सिलेंडर देने में मना करे या देरी करे, तो टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 पर कॉल करें। इसके अलावा बुकिंग और शिकायत के लिए 718955555 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

भारत गैस: भारत गैस के उपभोक्ता किसी भी प्रकार की अनियमितता के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-22-4344 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। गैस बुकिंग के लिए 7715012345 नंबर जारी किया गया है। उपभोक्ता मोबाइल ऐप या वेबसाइट का सहारा भी ले सकते हैं।

एचपी गैस: एचपी के ग्राहक डिलीवरी न मिलने या अधिक कीमत वसूलने की स्थिति में टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 अथवा हेल्पलाइन नंबर नंबर 9493602222 पर अपनी समस्या बता सकते हैं।

उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह और नियम

प्रशासन और पेट्रोलियम कंपनियों ने उपभोक्ताओं को जागरूक रहने के लिए कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

अधिकृत डीलर: हमेशा अपनी रजिस्टर्ड एजेंसी या अधिकृत डीलर से ही सिलेंडर लें।

रसीद अनिवार्य: डिलीवरी लेते समय भुगतान की पक्की रसीद अवश्य मांगें।

एमआरपी का ध्यान: रसीद पर अंकित राशि (टफढ) से एक भी रुपया अतिरिक्त न दें।

शिकायत में न हिचकें: यदि एजेंसी संचालक सिलेंडर देने से मना करता है या अभद्रता करता है, तो तुरंत उपरोक्त नंबरों पर शिकायत दर्ज करें। जांच सही पाए जाने पर डीलर के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

घबराने की जरूरत नहीं

सरकार और स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल घरेलू एलपीजी की सप्लाई सामान्य रूप से संचालित की जा रही है। उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने या 'पैनिक बुकिंग' करने की आवश्यकता नहीं है। यदि कहीं भी ब्लैक मार्केटिंग या अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो प्रशासन उस पर त्वरित एक्शन लेगा।