मंडी में व्यापारी और स्टाफ के बीच विवाद, फिर किसानों ने किया चक्काजाम

50 से ज्यादा किसानों का अनाज नहीं हो सका नीलाम, हाइवे जाम करने की भी चेतावनी

मंडी में व्यापारी और स्टाफ के बीच विवाद, फिर किसानों ने किया चक्काजाम
मानव श्रृंखला बनाकर मंडी के बाहर जाम लगाते किसान।

अनंत न्यूज़ @गुना। शहर की नानाखेड़ी स्थित सरसों मंडी में मंगलवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब मंडी निरीक्षक और व्यापारियों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हो गई। इस विवाद के बाद व्यापारियों ने दोपहर ढाई बजे अचानक नीलामी बंद कर दी, जिससे मंडी में अपनी उपज लेकर आए किसान आक्रोशित हो गए। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब नीलामी शुरू नहीं हुई, तो गुस्साए किसानों ने शाम 5 बजे नानाखेड़ी मंडी गेट के पास रिलायंस पेट्रोल पंप वाले मार्ग पर जाम लगा दिया। जानकारी के अनुसार, दोपहर ढाई बजे व्यापारियों और मंडी निरीक्षक के बीच हुई कहासुनी के बाद व्यापारियों ने एकजुट होकर नीलामी का बहिष्कार कर दिया। करीब दो घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जब कोई समाधान नहीं निकला, तो किसानों का धैर्य जवाब दे गया। लगभग 50 से 60 किसान ऐसे थे जिनकी फसल की नीलामी होना शेष थी। किसानों का कहना था कि वे दूर-दराज से अपनी उपज बेचने आए हैं और व्यापारियों के आपसी विवाद की सजा किसानों को मिल रही है। सड़क पर जाम लगने और वाहनों की लंबी कतारें खड़ी होने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर दौड़ा-दौड़ा पहुंचा। अधिकारियों ने आक्रोशित किसानों को समझाते हुए आश्वासन दिया कि उनकी उपज की नीलामी हर हाल में कराई जाएगी। प्रशासन के हस्तक्षेप और मंडी प्रबंधन से बातचीत के बाद किसानों ने जाम खोला। किसानों ने दो टूक शब्दों में कहा कि मंडी की व्यवस्था सुचारू रूप से चालू रहनी चाहिए ताकि उन्हें रात में मंडी में न रुकना पड़े। हालांकि प्रशासन के हस्तक्षेप के बावजूद नीलामी दोबारा शुरु नहीं हो सकी और करीब आधा सैकड़ा किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार करना पड़ा।

 वे तो गाड़ी में बैठकर ले गए...

व्यापारियों से जुड़े मामले में मंडी प्रशासन भी समझौता कराने में विफल रहा। मूंदोल से आए किसान मुरारी जाटव ने दावा किया कि उन्होंने और उनके साथ आए कई किसानों ने मंडी सचिव से नीलामी दोबारा शुरु कराने का आग्रह किया। कई किसान मंडी कार्यालय में जाकर बैठ गए। लेकिन मंडी सचिव व्यापारियों को नीलामी शुरु कराने का निर्देश नहीं दे सके। काफी देर बाद सचिव साहब अपनी गाड़ी में बैठकर चले गए। इसके बाद किसानों में आक्रोश पनपा और अपनी बात जिला प्रशासन तक पहुंचाने के लिए उन्होंने हमेशा की तरह चक्काजाम करने का ही निर्णय लिया।

हाइवे जाम करने की भी चेतावनी

 मंडी के बाहर करीब 5 बजे जाम लगाने के बाद किसानों ने ऐलान किया कि अगर जिला प्रशासन अभी भी उनकी मदद नहीं कर पा रहा है तो वह नेशनल हाइवे पर चक्काजाम कर देंगे। कई किसानों के वीडियो आक्रोशित होते हुए वायरल भी हुए हैं। किसानों का कहना था कि विवाद किसी का भी होता है व्यापारी नीलामी रोक देते हैं, इससे नुकसान हर हाल में किसानों का होता है। कई किसान दूर-दराज के क्षेत्र से आए हैं। उनके पास रुकने की व्यवस्था नहीं है। गर्मी के सीजन में मंडी परिसर के भीतर मच्छर बुरी तरह परेशान करते हैं। ऐसे में मंडी प्रशासन को या तो उनके रुकने की व्यवस्था करना चाहिए या फिर तत्काल नीलामी शुरु कराकर किसानों को घर भेजने का इंतजार करना चाहिए। हालांकि दोनों ही नतीजे नहीं निकल सके और अंतत: कई किसानों को मंडी परिसर में ही रुकने के लिए विवश होना पड़ा।