नेताओं के खाली प्लॉटों पर चमचमाती सड़क, जनता के लिए सिर्फ कीचड़
कुंभराज के वार्ड-15 का मामला, घनी बस्ती को छोड़ खाली मैदान में बिछा दी सड़क
कुंभराज। अनंत न्यूज़
नगर परिषद कुंभराज के वार्ड क्रमांक 15 से विकास के दावों की पोल खोलती एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ की एक मुख्य गली के रहवासी और मासूम बच्चे घुटनों-घुटनों कीचड़ और जलभराव के बीच से गुजरने को मजबूर हैं, जबकि इसी गली के ठीक पीछे स्थित एक वीरान इलाके में चमचमाती सड़क डाल दी गई है। इस अजब-गजब भेदभाव से आक्रोशित रहवासियों ने नगर परिषद पर गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद ने आम जनता की जरूरत को पूरी तरह दरकिनार कर दिया है। गली के पीछे वाले हिस्से में दूर-दूर तक सिर्फ खाली प्लॉट पड़े हैं और इक्का-दुक्का ही मकान बने हैं, लेकिन वहाँ की सड़क का निर्माण पहले कर दिया गया। रहवासियों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि पीछे की गली में सत्ताधारी दल के एक रसूखदार नेता के खाली प्लॉट आ रहे हैं, जिन्हें फायदा पहुंचाने और चमकाने के लिए आनन-फानन में सड़क डाल दी गई। इसके विपरीत, जिस गली में पूरी घनी बस्ती है और चारों तरफ मकान बने हुए हैं, उसे भगवान भरोसे कीचड़ में सड़ने के लिए छोड़ दिया गया है।
कीचड़ के कारण आधे रास्ते से लौट रहे मासूम
बरसात शुरू होते ही इस पूरी गली में जलभराव और दलदल जैसी स्थिति बन जाती है। हालात इतने बदतर हैं कि स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों की यूनिफॉर्म गाड़ियों के पहियों से उछलने वाले कीचड़ से गंदी हो जाती है, जिसके कारण मासूमों को आधे रास्ते से ही रोते हुए घर वापस लौटना पड़ता है। आए दिन यहाँ दुपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। इसके अलावा, घरों के सामने पानी जमा होने से जहरीले कीड़े-मकोड़े घरों में घुस रहे हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की जान पर चौबीसों घंटे खतरा मंडराता रहता है।
सुनवाई न होने से फूटा रहवासियों का गुस्सा
वार्ड वासियों का कहना है कि वे इस नरकीय स्थिति की लिखित और मौखिक शिकायत पिछले कई सालों से लगातार नगर परिषद में कर रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। हर साल मानसून आते ही अधिकारियों के वादे हवा हो जाते हैं। त्रस्त हो चुके रहवासियों ने अब नगरीय प्रशासन और शासन के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि नेताओं की परिक्रमा छोड़कर इस घनी बस्ती की सड़क का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाए, ताकि लोगों को इस नारकीय जीवन से मुक्ति मिल सके।