अस्पताल परिसर और वार्डों में आतंक का पर्याय बने आवारा श्वान
नपा की टीम ने अलग-अलग जगहों से 5 श्वान पकडे
गुना। अनंत न्यूज़
शहर के विभिन्न वार्डों में इन दिनों आवारा श्वान का आतंक चरम पर है, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है। ये हिंसक श्वान अब तक कई राहगीरों और मासूमों को अपना शिकार बनाकर नुकसान पहुंचा चुके हैं। नागरिकों की लगातार बढ़ती शिकायतों के बाद नगर पालिका ने आवारा श्वानों को पकड़ने के लिए एक विशेष मुहिम तो शुरू की है, लेकिन इसकी गति इतनी धीमी है कि धरातल पर कोई खास राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है।
शनिवार और रविवार की सुबह नगर पालिका की डॉग कैचिंग टीम मुख्य जिला अस्पताल परिसर में श्वानों को पकड़ने के लिए पहुंची। टीम के पहुँचते ही परिसर में मौजूद श्वानों के झुंड में हड़कंप मच गया। खास बात यह है कि शहर में सबसे अधिक आवारा श्वानों की संख्या जिला अस्पताल परिसर में ही देखी जा रही है। स्थिति इतनी गंभीर है कि ये श्वान बेखौफ होकर मेटरनिटी वार्ड के भीतर तक घुस जाते हैं, जिससे वहां भर्ती जच्चा और नवजात बच्चों की सुरक्षा पर हर वक्त गंभीर खतरा मंडराता रहता है। अस्पताल परिसर में जब नगर पालिका की टीम ने श्वानों को पकड़ने का रेस्क्यू आॅपरेशन शुरू किया, तो दावों की पोल खुल गई। परिसर में मौजूद एक दर्जन से भी ज्यादा श्वानों को पकड़ने के लिए टीम ने जाल फैलाया, लेकिन चालाक श्वानों के आगे नपा की टीम पूरी तरह बेबस नजर आई। काफी मशक्कत और दौड़-भाग के बाद भी टीम के हाथ मात्र एक श्वान ही लग सका।
जगनपुर डॉग हाउस में छोड़ा गया
अस्पताल परिसर में लगभग विफल होने के बाद टीम ने शहर के अन्य प्रभावित वार्डों का रुख किया। दिनभर की कार्रवाई के दौरान टीम ने विभिन्न वार्डों से कुल 4 श्वानों को पकड़ने में सफलता हासिल की। इस प्रकार पूरे अभियान के दौरान मुख्य जिला अस्पताल परिसर से एक श्वान और अन्य वार्डों से 4 श्वान पकड़े गए। कार्रवाई पूरी होने के बाद नगर पालिका की टीम इन सभी पकड़े गए श्वानों को छोड़ने के लिए जगन पुर चक स्थित डॉग हाउस रवाना हो गई। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से इस मुहिम में तेजी लाने और आधुनिक संसाधनों का उपयोग करने की माँग की है ताकि शहर को इस आतंक से जल्द मुक्ति मिल सके।