लक्ष्मण सिंह ने जताई भ्रष्टाचार की आशंका, विपक्ष की चुप्पी सवाल
धीरपुर में खर्च एक लाख, उसी काम के भुजरिया तालाब पर 25 करोड़
गुना।अनंतन्यूज़
चांचौड़ा के पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह के नेतृत्व में धीरपुर तालाब का जीर्णोद्धार कार्य अब अपने अंतिम चरण में है। श्रमदान के बाद अब तालाब के गहरे पानी में नावें उतार दी गई हैं। इस पूरे अभियान के दौरान लक्ष्मण सिंह ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए तालाबों के नाम पर हो रहे भारी-भरकम खर्च को सीधे तौर पर भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए सनसनीखेज आरोप जड़े हैं।
लक्ष्मण सिंह ने बताया कि लगभग 13 हेक्टेयर में फैले धीरपुर तालाब के गहरीकरण और सफाई के लिए शासन से कोई मदद नहीं मिली। यह पूरा कार्य जनसहयोग और श्रमदान से किया गया है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए प्रशासन को घेरते हुए कहा कि धीरपुर जैसे विशाल तालाब के कायाकल्प में केवल एक लाख रुपए की राशि खर्च हुई है। जबकि इससे भी छोटे या समानांतर गुना के भुजरिया तालाब की साफ-सफाई पर 25 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट बनाया गया है। यह अंतर सोचने पर विवश करता है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि आखिर 25 करोड़ रुपये कहाँ खर्च हो रहे हैं? क्या यह बजट केवल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाने के लिए है? इस खर्च का हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए। पूर्व विधायक ने इस मामले में विपक्ष के मौन को भी चिंताजनक बताया। उन्होंने हिदायत दी कि जनता के पैसे की बर्बादी पर विपक्ष को सवाल पूछना चाहिए। लक्ष्मण सिंह पूरे प्रदेश के जल स्रोतों पर होने वाले खर्च की निगरानी की आवश्यकता जताई और आम नागरिकों से आह्वान किया कि जहां भी भ्रष्टाचार दिखे, वहां निडर होकर आवाज उठाएं। बता दें कि जीर्णोद्वार के बाद धीरपुर तालाब अब अपने पुराने स्वरूप में लौटने लगा है। गहरे पानी में नावें उतरने के बाद क्षेत्र के लोगों में उत्साह है।