गुना में डिजिटल पहरा ! सोशल मीडिया पर 'भड़काऊ' पोस्ट की तो खैर नहीं
दो महीने में दूसरी बार प्रशासन ने कसी नकेल, नोटकांड को लेकर अफवाह भी बड़ी वजह
अनंत न्यूज़ @गुना। जिले की शांति व्यवस्था को डिजिटल खतरों से बचाने के लिए प्रशासन ने एक बार फिर 'इंटरनेट के शोर' पर लगाम कस दी है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट किशोर कुमार कन्याल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत सख्त प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। दिलचस्प बात यह है कि बीते दो महीनों में यह लगातार दूसरी बार है जब गुना प्रशासन को सोशल मीडिया पोस्ट पर इस तरह की सख्त निगरानी और पाबंदी लागू करनी पड़ी है।
सूत्रों की मानें तो हालिया 'नोटकांड' जैसे बड़े स्थानीय मुद्दों और वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों (जैसे इजराइल-ईरान तनाव) के चलते जिले में साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका बनी हुई है। पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन के आधार पर यह माना गया कि असामाजिक तत्व भ्रामक वीडियो, आॅडियो या फोटो के जरिए समाज में द्वेष फैला सकते हैं। इसी 'डिजिटल जहर' को रोकने के लिए प्रशासन ने 15 मई 2026 तक के लिए यह सुरक्षा कवच तैयार किया है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों की आड़ में स्थानीय स्तर पर होने वाली हलचल जैसे नोटकांड और मुर्दाघर में कथित रूप से जिंदा व्यक्ति को भेजने जैसे मामलों की चर्चा शांत करने के लिए भी यह कदम प्रशासन के लिए कारगर सिद्ध होगा। इन दोनों ही मामलों की पिछले कुछ दिनों से गुना जिले में चर्चा है। खासकर, सोशल मीडिया पर दोनों ही मुद्दे इन दिनों ट्रेंड में चल रहे हैं।
सिर्फ पोस्ट नहीं, 'लाइक-कमेंट' पर भी नजर
जारी आदेश के अनुसार, फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर केवल भड़काऊ पोस्ट डालना ही अपराध नहीं होगा, बल्कि ऐसी सामग्री को लाइक, कमेंट, शेयर या फॉरवर्ड करना भी कानूनन जुर्म माना जाएगा। व्हाट्सएप ग्रुप के संचालकों (एडमिन्स) को विशेष रूप से जिम्मेदार ठहराया गया है। अगर ग्रुप में कोई भी आपत्तिजनक सामग्री आती है, तो एडमिन को उसे तुरंत रोकना होगा, वरना उन पर भी गाज गिर सकती है।
अफवाहबाजों के लिए 'नो टॉलरेंस'
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना, अफवाह फैलाना या किसी समुदाय के विरुद्ध नफरत भड़काना भारी पड़ सकता है। यदि कोई व्यक्ति लोगों को अवैध रूप से एकत्र होने के लिए उकसाता है, तो उस पर भी तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
उल्लंघन पर सीधे जेल की तैयारी
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 सहित अन्य कठोर धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है और आगामी 15 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने अपील की है कि किसी भी संदिग्ध या भड़काऊ संदेश की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने या साइबर सेल को दें। अपनी उंगलियों का इस्तेमाल 'इंकलाब' के लिए नहीं, बल्कि 'अमन' के लिए करें।